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Korba : जल्द दौड़ेंगी 40 ई-बसें, 20 रूट तय जमनीपाली टर्मिनल का काम 80 प्रतिशत पूरा

कोरबा : शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में ई-बस सेवा शुरू करने की तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत कोरबा में 40 इलेक्ट्रिक बसें संचालित की जाएंगी। इनमें 20 बसें 7 मीटर और 20 बसें 9 मीटर लंबी होंगी। शहर की सड़कों और निर्धारित रूट के अनुसार बसों का संचालन किया जाएगा। मुख्य मार्गों पर 9 मीटर और आउटर क्षेत्रों के अपेक्षाकृत संकरे मार्गों पर 7 मीटर लंबी ई-बसें चलाने की योजना है। इसके लिए करीब 20 रूट निर्धारित किए जा चुके हैं।

ई-बसों का निर्माण पुणे में किया जा रहा है। कोरबा समेत प्रदेश के चार शहरों रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया जाना प्रस्तावित है। प्रदेश में कुल 240 ई-बसें आने वाली हैं। कोरबा की सड़क संरचना को देखते हुए यहां अलग-अलग आकार की बसों का चयन किया गया है। इससे पहले शहर में 9 मीटर लंबी सिटी बसों का संचालन किया जा चुका है। इसी अनुभव और शहर की मौजूदा सड़क व्यवस्था के आधार पर 7 और 9 मीटर की ई-बसों की मांग की गई है।

ई-बसों के संचालन की अंतिम तिथि रायपुर से राज्य स्तर पर तय की जाएगी। ई-बस सेवा शुरू करने की तैयारियों के तहत राज्य की टीम पुणे पहुंची थी, जहां बसों के निर्माण और तकनीकी व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। शहरों की सड़क संरचना और निर्धारित रूट को ध्यान में रखते हुए बसों में आवश्यक परिवर्तन भी कराए जा रहे हैं। संबंधित कंपनी द्वारा करीब 15 दिनों के भीतर राज्य स्तर पर बसों और तैयारियों से जुड़ी विस्तृत सूचना देने की बात कही गई है। इसके बाद ई-बसों के संचालन की तिथि निर्धारित होने की उम्मीद है।

ई-बस सेवा की तैयारियों का जायजा लेने केंद्रीय इंस्टीट्यूट ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट (सीआईआरटी), सूडा और नगर निगम के इंजीनियरों की टीम ने पुणे स्थित एका मोबिलिटी की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का निरीक्षण किया। टीम में कोरबा नगर निगम के कार्यपालन अभियंता राकेश मसीह भी शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ई-बसों की बॉडी, आकार, तकनीकी विशेषताओं और अलग-अलग मार्गों पर इनके संचालन को लेकर कंपनी के तकनीकी अधिकारियों से चर्चा की। टीम ने शहर की सड़कों के अनुरूप बसों में आवश्यक तकनीकी बदलाव को लेकर भी सुझाव दिए।

जानकारी के अनुसार एक बार पूरी तरह चार्ज होने के बाद ई-बस करीब 160 किलोमीटर तक चल सकती है। जमनीपाली स्थित प्रतीक्षा बस स्टैंड को ई-बस सेवा का प्रमुख टर्मिनल बनाया जा रहा है। यहां से प्रस्तावित अधिकांश रूटों की दूरी करीब 20 से 30 किलोमीटर के बीच है। ऐसे में बसें एक बार चार्ज होने के बाद दो से तीन फेरे पूरा कर सकेंगी। कटघोरा, हरदीबाजार और मड़वारानी जैसे अपेक्षाकृत लंबे रूटों पर भी ई-बसों के संचालन की योजना है।

ई-बस सेवा के लिए जमनीपाली प्रतीक्षा बस स्टैंड में टर्मिनल निर्माण को 11 करोड़ 50 लाख रुपए की प्रशासनिक मंजूरी मिली है। करीब 10 करोड़ रुपए की लागत से इसका ठेका दिया गया है। टर्मिनल का करीब 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। वहीं सब स्टेशन का काम लगभग 90 प्रतिशत पूर्ण होने की जानकारी है। परिसर में चार्जिंग स्टेशन, वर्कशॉप और एडमिनिस्ट्रेशन बिल्डिंग का निर्माण कार्य भी जारी है। शेष कार्यों को भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

नगर निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने बताया कि ई-बस सेवा शुरू करने को लेकर तैयारियां चल रही हैं। जमनीपाली स्थित बस टर्मिनल का करीब 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। शेष कार्यों को भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि ई-बसों के संचालन की तिथि राज्य स्तर पर रायपुर से तय होगी। इसके लिए राज्य की टीम ने पुणे जाकर बसों की निर्माण प्रक्रिया और तकनीकी पहलुओं का निरीक्षण किया है। सड़कों और रूट के अनुसार बसों में आवश्यक परिवर्तन भी कराए जा रहे हैं। कंपनी की ओर से करीब 15 दिनों में राज्य स्तर पर इसकी जानकारी दी जाएगी।

कोरबा में ई-बस सेवा शुरू होने से शहरवासियों को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिलने की उम्मीद है। 40 ई-बसों के संचालन से शहर के साथ आउटर क्षेत्रों की कनेक्टिविटी भी बेहतर होने की संभावना है। निर्धारित 20 रूटों पर बस सेवा शुरू होने के बाद यात्रियों को आवागमन का एक नया विकल्प मिलेगा। साथ ही निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने और शहर में बढ़ते यातायात दबाव को नियंत्रित करने में भी ई-बस सेवा उपयोगी साबित हो सकती है।

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