नई दिल्ली : अगर आप रिटायर हो चुके हैं और अभी तक अपना कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) का पैसा नहीं निकाला है तो आपके लिए अच्छी खबर है। EPFO के नियमों के मुताबिक, रिटायरमेंट के बाद भी कुछ समय तक आपके PF खाते में जमा राशि पर ब्याज मिलता रहता है। लेकिन यह सुविधा हमेशा के लिए नहीं रहता। ब्याज कितने समय तक मिलेगा। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपने किस उम्र में नौकरी छोड़ी या रिटायरमेंट लिया। इसलिए PF निकालने से पहले इन नियमों को समझना जरूरी है।
55 साल से पहले रिटायर होने वालों के लिए नियम
अगर कोई कर्मचारी 55 साल की उम्र से पहले नौकरी छोड़ देता है या रिटायर हो जाता है और अपना PF नहीं निकालता तो उसके खाते में 58 साल की उम्र पूरी होने तक ब्याज मिलता रहेगा। इसके लिए जरूरी है कि PF की पूरी राशि EPFO के पास ही बनी रहे। उदाहरण के तौर पर अगर किसी कर्मचारी ने 52 साल की उम्र में नौकरी छोड़ी और पैसा नहीं निकाला तो उसे 58 साल की उम्र तक EPFO द्वारा तय ब्याज दर के अनुसार ब्याज मिलता रहेगा। इससे उसकी जमा राशि में बढ़ोतरी हो सकती है।
55 साल या उससे अधिक उम्र में रिटायर होने पर क्या होगा?
यदि कोई कर्मचारी 55 साल या उससे अधिक उम्र में रिटायर होता है तो उसके PF खाते पर रिटायरमेंट की तारीख से अगले 36 महीने यानी तीन साल तक ब्याज मिलता रहेगा। इसके बाद खाते को निष्क्रिय माना जाएगा और उस पर ब्याज मिलना बंद हो जाएगा। उदाहरण के लिए यदि कोई कर्मचारी 60 साल की उम्र में रिटायर होता है और PF नहीं निकालता तो उसे 63 साल की उम्र तक ब्याज मिलेगा। इसके बाद वह अंतिम निकासी के लिए आवेदन कर सकता है।
EPF और EPS में अंतर समझना जरूरी
कई लोग EPF और EPS को एक ही योजना समझ लेते हैं जबकि दोनों अलग-अलग हैं। EPF एक बचत योजना है, जबकि EPS पेंशन से जुड़ी योजना है। यदि किसी कर्मचारी ने EPS के तहत कम से कम 10 साल की पात्र सेवा पूरी की है तो वह 50 साल की उम्र से कम पेंशन लेने का विकल्प चुन सकता है। वहीं, 58 साल की उम्र पूरी होने पर पूरी पेंशन का लाभ मिलता है। यदि कर्मचारी 60 साल तक पेंशन लेने में देरी करता है तो उसे अधिक पेंशन मिल सकती है।
PF कब निकालना सही रहेगा?
EPFO के नियमों के मुताबिक रिटायरमेंट के बाद तुरंत PF निकालना जरूरी नहीं है। यदि पैसों की तत्काल जरूरत नहीं है तो कुछ समय तक राशि खाते में रहने देने से अतिरिक्त ब्याज का लाभ मिल सकता है। लेकिन जब खाता निष्क्रिय हो जाता है तब उस पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है। इसलिए कर्मचारियों को अपनी उम्र, आर्थिक जरूरत और भविष्य की योजना को ध्यान में रखते हुए PF निकासी का फैसला करना चाहिए।















