Korba

Korba : मेडिकल कॉलेज में 8 माह की गर्भवती महिला और गर्भस्थ शिशु की मौत परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप

कोरबा : कोरबा के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आठ माह की गर्भवती महिला और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि समय पर उचित उपचार और निर्णय लिया जाता तो महिला और उसके बच्चे की जान बच सकती थी।

बताया जा रहा है कि दीपका बस्ती निवासी ओंकारेश्वर रजक की पत्नी कविता आठ माह की गर्भवती थीं। प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें मिनीमाता शांतिनगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था। वहां से उनकी स्थिति को देखते हुए कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया।

तीन दिनों तक सामान्य प्रसव का इंतजार कराने का आरोप

परिजनों के मुताबिक, मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती होने के बाद कविता का करीब तीन दिनों तक सामान्य प्रसव कराने का इंतजार किया जाता रहा। इस दौरान परिजनों ने कई बार सोनोग्राफी कराने की मांग की। उनका आरोप है कि महिला की स्थिति को देखते हुए सिजेरियन डिलीवरी कराने या किसी बड़े अस्पताल में रेफर करने की भी गुहार लगाई गई, लेकिन उनकी मांग पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया। इसके बाद अस्पताल में ही कविता की मौत हो गई। उनके गर्भस्थ शिशु की भी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।

पति का आरोप- समय पर ऑपरेशन होता तो बच जाती जान

मृतका के पति ओंकारेश्वर और अन्य परिजनों ने आरोप लगाया है कि यदि समय रहते सिजेरियन डिलीवरी का निर्णय लिया जाता या महिला को किसी हायर सेंटर रेफर किया जाता, तो मां और बच्चे दोनों की जान बचाई जा सकती थी। परिजनों ने अस्पताल में रात के समय चिकित्सकीय व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि रात करीब 12 बजे से 2 बजे के बीच वार्ड और लेबर रूम में जिम्मेदार डॉक्टर नियमित रूप से उपलब्ध नहीं थे।

अस्पताल प्रबंधन की भूमिका पर उठे सवाल

घटना के बाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल की व्यवस्थाओं और गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। परिजनों ने पूरे मामले की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।

गौरतलब है कि हाल के दिनों में मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज में लापरवाही के आरोप से जुड़ा यह दूसरा मामला बताया जा रहा है, जिसमें मरीज की मौत हुई है। ऐसे में लगातार सामने आ रहे आरोपों ने अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज कर दी है। हालांकि, महिला की मौत के वास्तविक कारण और इलाज के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल परिजनों के आरोपों के आधार पर मामले में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने आना बाकी है।

What's your reaction?

Related Posts

Korba : जिला पंचायत में तीन पदों पर भर्ती, कंप्यूटर प्रोग्रामर और कार्यक्रम अधिकारी के लिए विज्ञापन हुआ जारी

कोरबा : जिला पंचायत कोरबा ने विकसित भारत रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन…

1 of 34