जशपुर : छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी सुखदेव राम को दोषी ठहराया है। न्यायालय ने आरोपी को विभिन्न धाराओं के तहत 20 वर्ष के सश्रम कारावास सहित अन्य कठोर दंड से दंडित किया है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) एवं विशेष न्यायालय (पॉक्सो), जशपुर के न्यायाधीश जनार्दन खरे ने सुनाया।
गंभीर अपराध में हुई दोषसिद्धि
मामला जशपुर जिले के सन्ना थाना क्षेत्र का है, जहां नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म का अपराध दर्ज किया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना।
पुलिस की विवेचना और अभियोजन की प्रभावी पैरवी
आरोपी को सजा दिलाने में तत्कालीन थाना प्रभारी सन्ना निरीक्षक एल.आर. राठिया द्वारा की गई प्रभावी विवेचना की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं, न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक अनुपम कुमार तिर्की ने प्रभावी पैरवी की, जिसके आधार पर आरोपी के खिलाफ अपराध सिद्ध हुआ। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बच्चों के विरुद्ध होने वाले गंभीर अपराधों में त्वरित जांच, मजबूत साक्ष्य संकलन और प्रभावी न्यायालयीन कार्रवाई सुनिश्चित करना प्राथमिकता है, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके और ऐसे मामलों में दोषियों को कड़ी सजा मिले।











































