जांजगीर-चांपा : जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) बिलासपुर ने रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला किरारी की प्राचार्य और सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है। दोनों पर एक कर्मचारी से वेतन वृद्धि के एरियर की राशि निकालने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है।
मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्राचार्य अंजुला सोनी और सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी विकास मसीह के रूप में हुई है। शिकायत मिलने के बाद ACB बिलासपुर की टीम ने मामले की जांच की और ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।
एरियर की राशि निकालने मांगी थी रिश्वत
बताया गया है कि शासकीय स्कूल में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी के वेतन वृद्धि से जुड़े एरियर की राशि निकालने के बदले रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायत के आधार पर ACB की टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को 10 हजार रुपये लेते पकड़ लिया। ACB टीम ने रिश्वत की रकम बरामद कर ली है। इसके बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई
मामले में ACB ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 12 के तहत कार्रवाई की है। टीम द्वारा रिश्वत से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। ACB बिलासपुर के मुताबिक यह उसकी लगातार 56वीं ट्रैप कार्रवाई बताई गई है।
शिक्षा विभाग में लगातार दूसरी कार्रवाई
गौरतलब है कि शिक्षा विभाग से जुड़े रिश्वतखोरी के मामले में ACB की यह लगातार दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले सुकमा जिले के कोंटा में BEO को शिक्षकों के एरियर की राशि बनाने के नाम पर रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था। अब जांजगीर-चांपा के किरारी में प्राचार्य और बाबू की गिरफ्तारी के बाद शिक्षा विभाग में रिश्वतखोरी को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल ACB मामले की आगे की जांच कर रही है।











































