कवर्धा : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा और निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग से सवाल पूछे जाते हैं, लेकिन जवाब भाजपा की ओर से दिया जाता है। बघेल ने कहा कि भाजपा ने स्वीकार कर लिया है कि निर्वाचन आयोग और भाजपा के बीच कोई अंतर नहीं है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि देश में 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए हैं, जबकि छत्तीसगढ़ में 25 लाख नाम काटे जाने की बात कही। उन्होंने इन आंकड़ों को लेकर सवाल उठाते हुए निर्वाचन आयोग से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे पर भी उठाए सवाल
भूपेश बघेल ने बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरते हुए सवाल किया कि केंद्र में 12 साल से सरकार होने के बावजूद इस मामले में क्या कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि सरकार को इस विषय पर जवाब देना चाहिए।
विजय शर्मा के बयान पर किया पलटवार
पूर्व मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा के बयान पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में विधानसभा में इस मुद्दे पर तीन बार सवाल पूछे गए, लेकिन उन्हें जवाब नहीं मिल पाया। बघेल ने इसे सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाला मामला बताया।
उन्होंने कवर्धा में 67 हजार लोगों के नाम काटे जाने का दावा करते हुए संबंधित सूची सार्वजनिक करने की मांग की। बघेल ने कहा कि यदि इतने लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, तो उनकी सूची उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
नेवरीगुड़ा में 117 देवी-देवताओं के किए दर्शन
इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नेवरीगुड़ा में एक ही पंडाल के नीचे स्थापित 117 देवी-देवताओं के दर्शन भी किए। उनके दौरे के दौरान SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे चर्चा में रहे।


























