बलिया : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बलिया जिला इकाई के अध्यक्ष संजय मिश्र पर लगे दुष्कर्म के आरोप की पार्टी प्रदेश नेतृत्व ने पार्टी के गोरक्ष प्रांत अध्यक्ष को आंतरिक जांच करने के आदेश दिये हैं। भाजपा के गोरक्ष प्रांत अध्यक्ष विनोद राय ने रविवार शाम ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि मिश्र पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली पार्टी की एक स्थानीय महिला नेता ने रविवार को भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह से मुलाकात की।
उन्होंने मुलाकात का ब्योरा देने से इनकार करते हुए कहा कि धर्मपाल सिंह ने उनसे मामले की आंतरिक जांच करते हुए सम्बन्धित तथ्य एकत्र करने को कहा है। राय ने कहा कि महिला द्वारा संवाददाताओं से की गई बातचीत का वीडियो और अन्य तथ्य जुटाए जा रहे हैं और प्रदेश नेतृत्व जब रिपोर्ट मांगेगा, तब उसे उपलब्ध करा दिया जाएगा। संजय मिश्र ने खुद पर लगाये गये दुष्कर्म के आरोपों को निराधार बताते हुए इसे अपने खिलाफ साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि जांच में सभी तथ्य सामने आ जाएंगे और अगर उन्होंने कुछ गलत किया है तो वह किसी भी सजा के लिए तैयार हैं।
सासंद ने किया संजय मिश्र का समर्थन
इस बीच, भाजपा के राज्यसभा सदस्य नीरज शेखर रविवार को पार्टी जिलाध्यक्ष संजय मिश्र के समर्थन में खुलकर सामने आए। चितबड़ागांव में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि लखनऊ से जांच टीम आई है और वह अपना काम करेगी। उन्होंने कहा, ”मैं अध्यक्ष जी के साथ खड़ा हूं। जहां उनको आवश्यकता पड़ेगी, मैं उनके साथ रहूंगा।” शेखर ने कहा कि उन्होंने मिश्र के साथ करीब आठ वर्ष काम किया है और उनके आचरण तथा स्वभाव को व्यक्तिगत रूप से जानते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि जिलाध्यक्ष ‘बेदाग’ निकलेंगे।
जानिए क्या है पूरा मामला
उल्लेखनीय है कि बांसडीह कोतवाली क्षेत्र की 35 वर्षीय महिला की कथित अश्लील वीडियो और फोटो व्हाट्सऐप पर प्रसारित किए जाने के मामले में पुलिस ने 15 सितंबर को भाजपा के जिला मंत्री आलोक सिंह के साथ-साथ गणेश गुप्ता और अजीत मिश्रा नामक व्यक्तियों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस के अनुसार, महिला ने 28 सितंबर को बलिया के अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम की अदालत में शपथपत्र देकर आरोप लगाया कि पुलिस ने अब तक उसका बयान दर्ज नहीं किया है।
उसने आरोप लगाया कि आरोपियों को भाजपा जिलाध्यक्ष का संरक्षण प्राप्त है और उसके साथ दुष्कर्म में संजय मिश्र भी शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक महिला ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस पर दबाव डालकर उसकी मूल शिकायत में जिलाध्यक्ष का नाम हटाया गया और हल्की धाराओं में मामला दर्ज किया गया। बांसडीह के पुलिस उपाधीक्षक जयशंकर मिश्रा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि महिला की तहरीर के आधार पर ही प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस को शपथपत्र मिला है और मामले की विवेचना जारी है। साक्ष्यों और मामले के गुण-दोष के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।











































