रायपुर : छत्तीसगढ़ में लंबे समय से बना मानसून का ब्रेक अब पूरी तरह खत्म हो चुका है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए एक मजबूत निम्न दबाव क्षेत्र (लो प्रेशर सिस्टम) के प्रभाव से प्रदेश में बारिश का नया दौर शुरू हो गया है। राजधानी रायपुर में शुक्रवार सुबह से ही आसमान में घने काले बादल छाए हुए हैं और कई इलाकों में रुक-रुककर बूंदाबांदी हो रही है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में तेजी आने और कुछ संवेदनशील इलाकों में भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है।
बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती सिस्टम, अगले 2 दिन अहम
मौसम विज्ञान केंद्र, रायपुर के वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर एक सुचिह्नित निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। इस वेदर सिस्टम के साथ हवा में बना चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से लगभग 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। यह सिस्टम ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर झुका हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले दो दिनों के दौरान यह वेदर सिस्टम उत्तरी ओडिशा और गंगा के मैदानी इलाकों से होते हुए उत्तर-पश्चिम की ओर तेजी से आगे बढ़ेगा। इसी कारण पूरे छत्तीसगढ़ में हवाओं का रुख बदला है और मानसूनी हवाएं सक्रिय हो गई हैं।
इन जिलों में जारी हुआ अंधड़ और वज्रपात का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने शुक्रवार को रायपुर और राजनांदगांव सहित प्रदेश के मध्य व दक्षिणी इलाकों के लिए आपातकालीन ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ चलने, आकाशीय बिजली चमकने और तीव्र बारिश होने की आशंका जताई गई है।
ऑरेंज अलर्ट वाले प्रमुख जिले : धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम और मुंगेली।
यलो अलर्ट वाले जिले : बस्तर संभाग के सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर समेत उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया, बलरामपुर और जशपुर में हल्की से मध्यम बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है।
अधिकारियों और मौसम वैज्ञानिकों की चेतावनी
“बंगाल की खाड़ी में बने इस मजबूत सिस्टम के कारण छत्तीसगढ़ के मैदानी और दक्षिणी इलाकों में अगले 72 घंटे काफी महत्वपूर्ण हैं। वज्रपात (आकाशीय बिजली) की आशंका अधिक है, इसलिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोग खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें।”— मौसम विज्ञानी, मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर
गुरुवार को बलरामपुर के शंकरगढ़-कुसमी में सबसे ज्यादा 9 सेमी बारिश
इससे पहले गुरुवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में मानसूनी बौछारें पड़ीं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ और कुसमी में सबसे अधिक 9-9 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा चांदो में 8 सेमी, पटना में 6 सेमी, समरी में 5 सेमी, और बलरामपुर व दौरा कोचली में 4-4 सेमी बारिश हुई। तापमान की बात करें तो दुर्ग जिला सबसे गर्म रहा जहां अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान पेंड्रा रोड और अंबिकापुर में 23.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। रायपुर में आज तापमान 31 डिग्री से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।










































