रायपुर : छत्तीसगढ़ में चक्रवात अर्नब का असर कमजोर पड़ने के बावजूद बारिश का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है. प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है. बलरामपुर जिले के कुसमी में महज 24 घंटे के भीतर 28 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जिसने मौसम विभाग का भी ध्यान खींचा है. हालांकि बारिश की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आने के संकेत हैं, लेकिन अगले कुछ दिनों में फिर मौसम बिगड़ सकता है. मौसम विभाग ने गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है. खासकर 2 नवंबर को प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है.
कुसमी में आसमान से बरसी आफत, 28 सेंटीमीटर बारिश दर्ज
छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों से जारी बारिश का सबसे ज्यादा असर उत्तरी हिस्से में देखने को मिला है. बलरामपुर जिले के कुसमी में 24 घंटे के दौरान 28 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई. इतनी भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है. चक्रवात अर्नब के कमजोर होकर निम्न दबाव के क्षेत्र में बदलने के बाद भी इसका असर प्रदेश के मौसम पर बना हुआ है. मौसम विभाग के अनुसार, 31 अक्टूबर को भी प्रदेश के कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है. यानी बादलों की सक्रियता भले ही कम हो रही हो, लेकिन लोगों को अभी पूरी तरह राहत मिलने के आसार नहीं हैं.
2 नवंबर को फिर भारी बारिश का अलर्ट, 50 की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 2 नवंबर को छत्तीसगढ़ में एक बार फिर बारिश का दौर तेज हो सकता है. कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है. इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा. इसके अलावा 1 नवंबर तक प्रदेश के कुछ इलाकों में बिजली गिरने की आशंका जताई गई है. वहीं 4 और 5 नवंबर को भी कुछ स्थानों पर बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं.
रायपुर समेत प्रदेश के दूसरे जिलों में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई हिस्सों में आसमान में बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. हालांकि बारिश का असर सभी जिलों में एक जैसा नहीं रहेगा. उत्तरी छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का असर ज्यादा देखने को मिला है, जबकि अन्य इलाकों में मौसम की गतिविधियां स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बदल सकती हैं.
किसानों की बढ़ी चिंता, लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
लगातार बदलते मौसम ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है. खेतों में तैयार फसलों और खुले में रखी उपज को बारिश से नुकसान पहुंच सकता है. ऐसे में किसानों को मौसम का पूर्वानुमान देखकर ही कटाई और अन्य कृषि कार्य करने की सलाह दी जाती है. आकाशीय बिजली की चेतावनी को देखते हुए आम लोगों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है. गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें. नदी-नालों और जलभराव वाले रास्तों को पार करने में जल्दबाजी न करें.
फिलहाल राहत का इंतजार, 2 नवंबर पर टिकी नजर
छत्तीसगढ़ में बारिश का मौजूदा दौर कमजोर पड़ने के संकेत जरूर दे रहा है, लेकिन 2 नवंबर को फिर भारी बारिश की संभावना ने चिंता बढ़ा दी है. ऐसे में अगले कुछ दिन प्रदेश के मौसम के लिहाज से अहम रहने वाले हैं. अब सबकी नजर मौसम विभाग के अगले अपडेट पर है कि बारिश का यह सिलसिला कब पूरी तरह थमेगा और लोगों को कब राहत मिलेगी.


























