नई दिल्ली : नेपाल में भीषण बाढ़ से हुई तबाही के बाद भारत ने राहत और बचाव के लिए मदद बढ़ा दी है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि नेपाल को राहत सामग्री लेकर तीसरा विमान भेजने की तैयारी की जा रही है। इससे पहले दो विमान राहत सामग्री लेकर नेपाल पहुंच चुके हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत नेपाल की जरूरत के अनुसार हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि भारत ने सुरंग में फंसे लोगों को बचाने के लिए टनल रेस्क्यू टीम भेजने की तैयारी भी शुरू कर दी है। इसके लिए एक अग्रिम टीम नेपाल भेजी जा रही है, जो मौके की स्थिति का जायजा लेगी।
मेडिकल टीम और NDRF भेजने की भी तैयारी
भारत नेपाल में एक मेडिकल टीम भी भेज रहा है। इसके अलावा भारत ने नेपाल को एनडीआरएफ की टीम और जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने की पेशकश की है। इन टीमों की मदद से खोज और बचाव अभियान को तेज किया जा सकेगा। भारत ने प्रभावित क्षेत्रों में संपर्क व्यवस्था जल्द बहाल करने के लिए बेली ब्रिज उपलब्ध कराने की भी पेशकश की है। इसके साथ तकनीकी टीम भी भेजी जा सकती है। रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत नेपाल सरकार की जरूरत के अनुसार आगे भी मदद देने के लिए तैयार है। राहत अभियान में बचाए गए लोगों को वापस लाने के लिए भी भारत सरकार जरूरी व्यवस्था कर रही है।
नेपाल में 538 मौतें, 977 लोग अभी भी लापता
नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, अब तक 538 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 977 लोग अभी भी लापता हैं। सबसे ज्यादा 221 शव चितवन में मिले हैं। इसके बाद नवलपरासी ईस्ट में 134, गोरखा में 46, नुवाकोट में 37 और धादिंग में 33 शव बरामद किए गए हैं। प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बल लगातार खोज, बचाव और राहत कार्य में जुटे हुए हैं।











































