नई दिल्ली : अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद भारत में कमर्शियल सिलेंडर के दाम 993 रुपए वृद्धि कर दी गई है। गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने के बाद अब ये कयास लगा जा रहे हैं कि डीजल-पेट्रोल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि पिछले कुछ दिनों में सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर 8 रुपए बढ़ोतरी कर दी है। इस बीच आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि बदले हुए हालात में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता है।
कच्चे तेल की कीमत 126 डॉलर प्रति बैरल
बात करें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें की तो इस सप्ताह बढ़कर 126 डॉलर प्रति बैरल पहुंचीं, जो चार साल के उच्च स्तर पर रही। हालांकि इसमें हल्की गिरावट आई है, फिर भी कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते से तेलवाहक जहाजों की आवाजाही पर असर और ईरान एवं अमेरिका के बीच जारी तनाव के कारण स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।
28 रुपए तक महंगा हो सकता है पेट्रोल-डीजल
दूसरी ओर एक्सपर्ट्स ने पहले यह आशंका जताई थी कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मतदान 29 अप्रैल को समाप्त होने के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 25 रुपए से लेकर 28 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो सकती है। दिल्ली में फिलहाल पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपए प्रति लीटर और डीजल की 87.67 रुपए प्रति लीटर है। अमेरिका एवं इजराइल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर हमले और इसके जवाब में ईरान की कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में उथल-पुथल का दौर चल रहा है।
ई85 ईंधन को अपनाने की तैयारी तेज
वहीं, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि सरकार ई85 ईंधन (85 प्रतिशत एथनॉल मिश्रित पेट्रोल) को तेजी से और किफायती रूप से अपनाने को बढ़ावा देने के लिए एक नीति पर विचार कर रही है। हीरो मोटोकॉर्प द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुरी ने कहा कि कंपनी द्वारा ई20 (20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रित पेट्रोल) से लेकर ई85 (85 प्रतिशत एथनॉल मिश्रित पेट्रोल) तक के ईंधन पर पूरी तरह से अनुकूल एथनॉल मिश्रित ईंधन से चलने वाली (फ्लेक्स-फ्यूल) मोटरसाइकिलों का अनावरण भारत के ऊर्जा इतिहास में एक नया अध्याय है। उन्होंने कहा कि ई85 ईंधन सामान्य पेट्रोल की तुलना में काफी सस्ता होगा।
बेहद सस्ता हो जाएगा पेट्रोल-डीजल
पुरी ने कहा, “हम ई85 ईंधन के तेजी से और किफायती अपनाने के लिए एक सहायक नीति पर सक्रिय रूप से विचार कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में दोपहिया वाहनों का सबसे बड़ा विनिर्माता है। मंत्री ने कहा कि यदि 2026-27 आपूर्ति वर्ष में ई85 का केवल एक प्रतिशत भी उपयोग होता है, तो चार करोड़ लीटर एथनॉल की मांग उत्पन्न होगी। उन्होंने कहा, “तब हमारे किसान, जो अब अन्नदाता हैं, उर्जादाता बन जाएंगे।”























