पेंड्रा : मां की हत्या मामले में कोर्ट ने अहम निर्णय सुनाया है। छत्तीसगढ़ के पेंड्रा जिले में शराब के नशे ने एक बेटे को हैवान बना दिया। अपने ही मां से शराब खरीदने के लिए पैसे मांगना, पैसा न मिलने पर गुस्से में आकर फावड़े से बेरहमी से पिटाई करना और उसकी मौत तक पीटना—इस पूरे मामले में न्यायालय ने कड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी बेटे को आजीवन कारावास की सजा दी है।
घटना 14 जुलाई 2024 को गौरेला थाना क्षेत्र के सारबहरा गांव में हुई थी। आरोपी अर्जुन सिंह भैना ने अपनी मां रोशनी बाई से शराब खरीदने के लिए पैसे मांगे थे। लेकिन जब मां ने उसके नशे की आदत को देखते हुए पैसे देने से इनकार कर दिया, तो अर्जुन बौखला गया। उसने अपनी मां के साथ गाली-गलौज की और फिर मारपीट शुरू कर दी। विवाद इतना बढ़ गया कि उसने घर में रखे फावड़े की बैट (पीछे का हिस्सा) से अपनी मां पर ताबड़तोड़ वार करना शुरू कर दिया।
जान बचाने के लिए रोशनी बाई घर से निकलकर पड़ोसियों के घर की ओर भागीं, लेकिन वहां गिर पड़ीं और कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और मामला दर्ज किया। 16 जुलाई 2024 को आरोपी अर्जुन सिंह भैना को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया था। मामले की सुनवाई द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पेंड्रारोड, एकता अग्रवाल की अदालत में हुई।
अभियोजन पक्ष ने मामले में महत्वपूर्ण गवाह, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की संलिप्तता को साबित किया। सभी तथ्यों और साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने आरोपी को हत्या (IPC धारा 302) का दोषी करार दिया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 1,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड न चुकाने पर अतिरिक्त कारावास का प्रावधान भी रखा गया है।
इस फैसले के बाद ग्रामीणों ने न्यायालय के निर्णय को सही ठहराते हुए कहा कि शराब की लत ने एक बेटा-मां के रिश्ते को दागदार कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार अर्जुन पहले से शराब का आदी था और अक्सर घर में विवाद और मारपीट करता था। कई बार परिवार वालों ने उसकी हरकतों की शिकायत भी की थी, लेकिन वह नहीं सुधरा।






















