पेंड्रा : गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में उस समय सनसनी फैल गई जब एक रेप का आरोपी गुलशन मांझी न्यायालय से फरार हो गया। आरोपी को कोर्ट में पेश करने की जिम्मेदारी संभाल रहे दोनों पुलिसकर्मियों को गंभीर लापरवाही के चलते निलंबित कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, आरोपी गुलशन मांझी को 7 सितंबर को कोर्ट में पेश किया गया था। इसी दौरान उसने पुलिसकर्मियों को चकमा दिया और मौके से फरार हो गया। इस घटना ने पूरे पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
निलंबित पुलिसकर्मी
पुलिस अधीक्षक एस.आर. भगत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की है। उन्होंने गौरेला थाने में पदस्थ दो आरक्षकों को निलंबित करने का आदेश जारी किया।
- आरक्षक क्रमांक 179 वीरेन्द्र गर्ग
- आरक्षक क्रमांक 174 जगत ध्रुव
इन दोनों पर आरोपी की सुरक्षा और पेशी में गंभीर लापरवाही का आरोप है।
आरोपी की तलाश में पुलिस टीम गठित
रेप के मामले का आरोपी गुलशन मांझी फरार होने के बाद से ही पुलिस की पकड़ से बाहर है। उसकी तलाश में पुलिस ने विशेष टीम का गठन किया है। आसपास के जिलों और सीमावर्ती क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया है कि जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा।
सुरक्षा पर उठे सवाल
यह घटना न केवल पुलिस की लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि कोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाती है। जिस आरोपी को सख्त निगरानी में रखा जाना चाहिए था, वह आसानी से फरार हो गया। इस तरह की घटनाएं कानून-व्यवस्था पर सीधा असर डालती हैं और जनता का भरोसा पुलिस तंत्र से उठाती हैं।
विभागीय जांच भी होगी
पुलिस अधीक्षक ने साफ किया है कि निलंबन के साथ-साथ दोनों आरक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच भी की जाएगी। अगर जांच में दोष और गंभीर साबित हुआ, तो आगे की सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।





















