दुर्ग : छत्तीसगढ़ के दुर्ग शहर में उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब अल्का बाघमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो में महापौर सड़क किनारे ठेला लगाकर व्यवसाय कर रहे एक दुकानदार से तीखे लहजे में बात करती हुई नजर आ रही हैं। वीडियो में उनके शब्द और व्यवहार को लेकर अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि महापौर अलका बाघमार एक ठेला दुकानदार को हटाने को लेकर सख्त लहजे में चेतावनी देती हैं। वे कहती सुनाई देती हैं, “एक आध लगा दूँगी मैं अभी… उधर करो… मेरा हाथ उठ जाएगा ना… 10 बार समझा चुकी हूँ मैं… पागल लगती हूँ क्या मैं? पागल हूँ मैं?” इस बयान के सामने आने के बाद लोगों ने इसे सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति के आचरण के अनुरूप नहीं बताया है। बताया जा रहा है कि यह घटना शहर के किसी व्यस्त इलाके की है, जहां सड़क किनारे अतिक्रमण को लेकर कार्रवाई चल रही थी।
इसी दौरान महापौर मौके पर पहुंचीं और ठेला दुकानदारों को हटाने के निर्देश दिए। हालांकि, इस दौरान उनके द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा और अंदाज ने पूरे मामले को विवादित बना दिया है। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई यूजर्स ने इसे सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण बताते हुए आलोचना की है, वहीं कुछ लोगों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जरूरी है, लेकिन जनप्रतिनिधियों को संयमित भाषा और व्यवहार बनाए रखना चाहिए।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद दुर्ग म्युनिसिपल कारपोरेशन की कार्यप्रणाली और जनप्रतिनिधियों के आचरण पर भी सवाल उठने लगे हैं। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को लेकर प्रतिक्रिया दी है और महापौर से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। हालांकि, इस मामले में अभी तक महापौर अलका बाघमार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि वे इस विवाद पर क्या स्पष्टीकरण देती हैं और प्रशासन इस पूरे मामले में क्या रुख अपनाता है।



























