मेरठ : उत्तर प्रदेश के मेरठ में दलित युवती ललिता गौतम हत्याकांड में पुलिस ने वांटेड पीएसी के जवान अंकित को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का आरोप है कि उसने अपने भाई और मुख्य आरोपी अंकुश कुमार के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची और हत्या वारदात में मदद की। मुख्य आरोपी अंकुश को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
लापता होने के अगले दिन जंगल में मिला था शव
पुलिस के अनुसार, 16 मई 2026 को ललिता के पिता ने टीपीनगर थाने में बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। अगले दिन 17 मई को उसका शव रोहटा थाना क्षेत्र के उपसिया गांव के जंगल से बरामद हुआ। इसके बाद पिता की शिकायत पर अंकुश कुमार के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 18 मई को अंकुश को गिरफ्तार कर लिया गया था।
छुट्टी लेकर गांव आया था PAC जवान
पुलिस जांच में सामने आया कि अंकित घटना के समय छुट्टी पर गांव आया हुआ था। उसने छुट्टी के लिए पत्नी के गर्भवती होने और 15 मई को संभावित प्रसव का कारण बताया था। हालांकि, पुलिस के अनुसार जांच में यह दावा सही नहीं पाया गया। गवाहों और ग्रामीणों ने भी उसकी पत्नी के गर्भवती होने की बात से इनकार किया। पुलिस का कहना है कि अंकित 11 मई को गांव पहुंचा था। इसी दिन ललिता ने एक नोट लिखकर अपने साथ अनहोनी की आशंका जताई थी। जांच में यह भी सामने आया कि ललिता और अंकुश के बीच पहले हुए विवाद को लेकर अंकित नाराज था। इसी वजह से दोनों भाइयों ने कथित तौर पर हत्या की साजिश रची।
जांच अधिकारी बदले गए, विभागीय जांच शुरू
इस मामले में जांच अधिकारी और तत्कालीन सीओ सौम्या अस्थाना को विवेचना से हटा दिया गया है। अब मामले की जांच ब्रह्मपुरी के नए सीओ रामप्रकाश करेंगे। सौम्या अस्थाना के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने हत्यारोपियों से मिलीभगत कर उन्हें राहत देने की कोशिश की। पुलिस ने फिलहाल PAC जवान अंकित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और मामले की आगे जांच जारी है।











































