दुर्ग : छत्तीसगढ़ में नियमितीकरण, 12 महीने के सेवाकाल और सम्मानजनक वेतन वृद्धि की मांग को लेकर अतिथि शिक्षकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल लगातार तेज होती जा रही है। आंदोलन के छठे दिन सोमवार को दुर्ग में शिक्षकों ने मूसलाधार बारिश के बीच एक पैर पर खड़े होकर अनोखा प्रदर्शन किया और सरकार से अपनी मांगें पूरी करने की अपील की।
दुर्ग बना आंदोलन का सबसे बड़ा केंद्र
शिक्षा मंत्री के गृह जिला दुर्ग में आंदोलन सबसे ज्यादा प्रभावी नजर आ रहा है। यहां करीब 1500 से अधिक अतिथि शिक्षक धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारी शिक्षकों का कहना है कि इस बार वे अपनी मांगें पूरी हुए बिना आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे।
बारिश भी नहीं डिगा सकी हौसला
तेज बारिश के बावजूद शिक्षक धरना स्थल पर डटे रहे। उन्होंने एक पैर पर खड़े होकर सांकेतिक प्रदर्शन किया और कहा कि चाहे कितनी भी मुश्किलें आएं, वे अपने अधिकारों की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे। आंदोलनकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल रोजगार की सुरक्षा, सम्मानजनक वेतन और पूरे साल का सेवाकाल सुनिश्चित कराना है।
22 जिलों में शिक्षा व्यवस्था प्रभावित
अतिथि शिक्षकों की हड़ताल का असर अब प्रदेशभर में दिखाई देने लगा है। हड़ताल के चलते 22 जिलों में सरकारी स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कई स्कूलों में कक्षाएं नियमित रूप से संचालित नहीं हो पा रही हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है।
ये हैं प्रमुख मांगें
अतिथि शिक्षक सरकार से मुख्य रूप से इन मांगों को पूरा करने की मांग कर रहे हैं—
- नियमितीकरण
- 12 महीने का सेवाकाल
- सम्मानजनक वेतन वृद्धि
- रोजगार की सुरक्षा शिक्षकों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।










































