नई दिल्ली : देश की राजधानी में INDIA गठबंधन की बैठक के दौरान तृणमूल कांग्रेस को लेकर बड़े राजनीतिक दावे सामने आए हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी की कुछ सांसदों ने नेतृत्व से नाराजगी जताते हुए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानि NDA का समर्थन करने की इच्छा व्यक्त की है।
तृणमूल पार्टी के भीतर बढ़ा असंतोष
काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि पार्टी के कई सांसदों ने अपनी राजनीतिक दिशा को NDA के साथ जोड़ने पर विचार किया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखने की तैयारी की जा रही है। वहीं, सांसद शर्मिला सरकार ने भी दावा किया कि कुछ सांसद अलग समूह बनाकर NDA को समर्थन देना चाहते हैं। बताया जा रहा है कि काकली घोष दस्तिदार को लोकसभा में मुख्य सचेतक के पद से हटाए जाने के बाद नाराजगी बढ़ी। उन्होंने इस फैसले को एकतरफा बताते हुए पार्टी आलाकमान पर सवाल उठाए। रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में भी कुछ विधायकों ने अलग समूह बनाकर खुद को पार्टी का वास्तविक प्रतिनिधि बताया है। उनकी नाराजगी विपक्ष के नेता के सेलेक्शन और संगठन से जुड़े फैसलों को लेकर बताई जा रही है।
INDIA गठबंधन की बैठक में शामिल हुई ममता
विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन की अहम बैठक में कई प्रमुख नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला मौजूद रहे। वहीं, उद्धव ठाकरे ने बैठक में वर्चुअल माध्यम से हिस्सा लिया।
2029 में बदलाव लाने का संकल्प
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा कि उनकी पार्टी INDIA गठबंधन की प्रतिबद्ध सदस्य है और गठबंधन को और मजबूत बनाने के लिए काम करती रहेगी। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल देश के सामने मौजूद गंभीर चुनौतियों के खिलाफ मिलकर लड़ेंगे और 2029 में सार्थक बदलाव लाने का प्रयास करेंगे।
संविधान और लोकतंत्र को लेकर केंद्र पर निशाना
बैठक की शुरुआत में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में विपक्षी दलों ने एकजुट होकर परिसीमन (डिलिमिटेशन) से जुड़े विधेयकों का विरोध किया था और सरकार को चुनौती दी थी। खड़गे ने कहा कि अब उसी एकता को और मजबूत करने की जरूरत है ताकि राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और विदेश नीति से जुड़े मुद्दों पर सरकार का मुकाबला किया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान पर लगातार हमला हो रहा है और जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को डराने और परेशान करने के लिए किया जा रहा है। साथ ही गैर-भाजपा शासित राज्यों के साथ भेदभाव किए जाने का भी आरोप लगाया।
सामूहिक रूप से तय होगी आगे की रणनीति
खड़गे ने कहा कि देश में निवेश की रफ्तार जरूरत के मुताबिक नहीं है, जिससे रोजगार के अवसर प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने परीक्षा प्रणाली की कथित अव्यवस्था का भी मुद्दा उठाया और कहा कि इससे लाखों युवाओं की उम्मीदों को झटका लगा है। बैठक के एजेंडे पर पूछे गए सवाल के जवाब में अखिलेश यादव ने कहा कि गठबंधन के सभी दल मिलकर आगे की रणनीति तय करेंगे। उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा को प्राथमिकता बताया।
किन 5 फैसलों पर बनी सहमति?
बैठक के अंत में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रेस कांफ्रेस करते हुए बताया कि, आज की बैठक में सभी 25 विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ अपनी लड़ाई तेज करने का फैसला लिया है।
- 01: INDIA गठबंधन ने चुनावी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और चुनावों की निष्पक्षता को लेकर चिंता जताई है। गठबंधन ने इन मुद्दों पर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को पत्र लिखने का फैसला किया है।
- 02: गठबंधन ने शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की भी मांग की। विपक्ष का आरोप है कि NEET और CBSE परीक्षाओं से जुड़ी समस्याओं के कारण लाखों छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
- 03: INDIA गठबंधन ने केंद्र सरकार से बेरोजगारी, महंगाई, कृषि संकट और अन्य जनहित के मुद्दों पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है।
- 04: बैठक में यह भी तय किया गया कि INDIA गठबंधन के दल हर दो महीने में बैठक करेंगे। अगली बैठक अगस्त में हैदराबाद में आयोजित की जाएगी।
- 05: इसके अलावा, मानसून सत्र के दौरान विपक्षी दलों के बीच संसदीय समन्वय की जिम्मेदारी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में जारी रहेगी।























