मुंबई : महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में ऑटो, टैक्सी और कैब चालकों जैसे कमर्शियल यात्री वाहन चालकों के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए नियमों के तहत अब राज्य में सभी कमर्शियल यात्री वाहन चालकों के लिए मराठी भाषा का कामकाजी ज्ञान होना अनिवार्य कर दिया गया है। यह नया प्रावधान आज यानी 16 अगस्त 2026 से राज्यभर में लागू हो रहा है।
मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य
सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यात्रियों के साथ बेहतर और सहज संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य किया गया है। यह नियम ऑटो-रिक्शा, काली-पीली टैक्सी और ओला-उबर जैसे ऐप-बेस्ड कैब चालकों पर समान रूप से लागू होगा। प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि जो चालक यात्रियों से मराठी में कामकाजी बातचीत करने में सक्षम नहीं होंगे, उनके ड्राइविंग लाइसेंस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने की भाषा की अनिवार्यता
राज्य सरकार के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य स्थानीय भाषा को बढ़ावा देना और यात्रियों के लिए सफर को अधिक सुविधाजनक व सुरक्षित बनाना है। हालांकि, इस नए नियम से राज्य के गैर-मराठी भाषी कमर्शियल चालकों को अपना लाइसेंस बचाए रखने के लिए जल्द से जल्द मराठी का व्यावहारिक ज्ञान हासिल करना होगा।











































