महारास्ट्र

इस बड़े IT कंपनी के अंदर चल रहा था कॉर्पोरेट जिहाद हिंदू कर्मचारियों पर नमाज़ पढ़ने और बीफ खाने का का दबाव, महिलाओं के साथ भी की गई घिनौनी हरकत

नासिक : महाराष्ट्र के नासिक में एक बड़ी आईटी कंपनी की बीपीओ यूनिट के कर्मचारियों पर यौन उत्पीड़न, कार्यस्थल पर शोषण, धर्मांतरण करने का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना ने कॉर्पोरेट जगत को हिला कर रख दिया है। मार्च 2026 में एक युवती की शिकायत के बाद शुरू हुई इस जांच में कई पीड़ित सामने आई है। पीड़िताओं ने उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों पर डराने-धमकाने और धर्मांतरण करने के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है।

इस मामले में अब तक कंपनी के कर्मचारी आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, तौसीफ अत्तार और दानिश शेख समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया है वहीं भाजपा ने इस पूरे मामले को कॉर्पोरेट जिहाद करार देते हुए जाँच की मांग की है।

क्या है पूरा मामला ?

पीड़ितों द्वारा लगाए गए आरोपों ने इस मामले को और भी गंभीर बना दिया है। कर्मचारियों का दावा है कि उन्हें वेतन वृद्धि और नौकरी की सुरक्षा के बदले नमाज़ पढ़ने और गोमांस खाने जैसी चीज़ों को करने के लिए मजबूर किया गया था। इस मामले की पहली शिकायत मार्च के अंत में एक युवती द्वारा दर्ज कराई गई थी, जिसने 2022 से 2026 के बीच हुए यौन शोषण और मानसिक उत्पीड़न का खुलासा किया। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, 8 महिलाएं और एक पुरुष सहित कई अन्य कर्मचारी भी अपनी आपबीती लेकर सामने आए, जिसके बाद अब तक कुल 9 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।

कैसे हुआ पर्दाफाश ?

शिकयत के बाद नासिक पुलिस की एसआईटी टीम ने इस कथित कॉर्पोरेट रैकेट का पर्दाफाश करने के लिए एक गुप्त अभियान चलाया। इस टीम में महिला अधिकारियों सहित सात सदस्य शामिल थे, जिन्होंने गुप्त वेशभूषा में रहकर पीड़ितों का विश्वास जीता और जरूरी सबूत इकट्ठा किए। पुलिस ने अब तक आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, तौसीफ अत्तार और दानिश शेख सहित कई मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही, एक वरिष्ठ HR अधिकारी को भी हिरासत में लिया गया है। HR पर आरोप है की बार-बार शिकायत मिलने के बावजूद प्रबंधन ने इन मामलों में कोई कार्रवाई नहीं की थी।

देवेंद्र फडणवीस ने दिया जाँच का आश्वासन

इस घटना ने महाराष्ट्र की राजनीति में भी उबाल ला दिया है। भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेताओं ने इसे कॉर्पोरेट जिहाद करार देते हुए कार्यस्थलों के भीतर एक सोची-समझी साजिश का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले को बेहद गंभीर बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस इस बात का पता लगा रही है है कि क्या यह नेटवर्क अन्य स्थानों पर भी सक्रिय है।

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