सक्ती : जिले के वेदांता पावर प्लांट के बॉयलर में हुए धमाके से अब तक 17 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि बड़े पैमाने पर श्रमिक घायल है। इन घायलों को रायगढ़ के अलावा बिलासपुर और रायपुर के अस्पतालों में दाखिल कराया गया हैं, जहाँ उनका उपचार जारी हैं। वही बात लाशों की शिनाख्त की करें तो उनकी पहचान करने में प्रशासन काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं। ब्लास्ट की आग से ज्यादातर शव बुरी तरह झुलस गए है। यही वजह है कि 17 लाशों में से अब तक सिर्फ 11 की ही शिनाख्त की जा सकी हैं, जबकि 6 अन्य की पहचान नहीं हो पा रही है। हालाँकि मरने वालों के नाम और पते सामने आ चुके है। देखें नीचे..
राहत और बचाव अभियान के बीच प्रदेश के मुखिया विष्णु देव साय ने जिले के कलेक्टर अमृत विकास तोपने से फोन पर हालात की जानकारी ली और उन्हें जरूरी निर्देश भी दिए। सीएम साय ने जिला कलेक्टर को घायलों के बेहतर से बेहतर उपचार कराने और मृतकों के पोस्टमार्टम, परिजनों को शव सौंपने की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने कहा है। बता दें कि, घटना के बाद कल भी मुख्यमंत्री ने फोन पर हादसे की जानकारी ली थी। इस पूरे हादसे की मॉनिटरिंग प्रदेश लेवल पर हो रही है। उच्चाधिकारी खुद भी पल-पल के हालात पर नजर बनाये हुए है।
#WATCH | Sakti, Chhattisgarh | Visuals from Vedanta Power Plant in Singhi Tarai area of Sikri Hospital, where 17 people lost their lives pic.twitter.com/VP2iNahEgu
जिले के कलेक्टर अमृत विकास ने कहा कि हाल ही में हुई दुर्घटनाओं को देखते हुए, प्रभावित परिवारों को अधिकतम संभव सहायता प्रदान करना, उनके स्वास्थ्य, कल्याण और सहायता सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। साथ ही, प्रत्येक मृतक के लिए 35 लाख रुपये, घायलों के लिए 15 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की गई है, और संयंत्र प्रबंधन द्वारा चिकित्सा संबंधी सभी खर्चों का वहन किया जाएगा। पुलिस ने बताया कि मंगलवार को शक्ति जिले के वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर विस्फोट में 14 लोगों की मौत हो गई और 15 अन्य घायल हो गए।
जिले के एसपी ने बताया, राहत और बचाव कार्य पूरा, सभी अस्पताल दाखिल
जिले के एसपी प्रफुल ठाकुर ने बताया, “यह घटना दोपहर लगभग 2:30 बजे घटी। वेदांता पावर प्लांट में स्थित बॉयलर में विस्फोट हो गया। सूचना मिलते ही मैंने सबसे पहले डबरा थाना प्रभारी के अगुवाई में एक टीम मौके पर भेजी और इसके बाद मैं स्वयं घटनास्थल पर पहुंचा। एसडीओपी, कलेक्टर और अन्य अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे। हमने घायलों को अस्पताल पहुंचाने का काम शुरू किया और उनका इलाज शुरू करवाया। रायगढ़ इस स्थान के निकट होने के कारण सभी पीड़ितों को वहां के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। अब तक कुल लोगों की मौत हो चुकी है और 20 लोगों का इलाज चल रहा है। कुछ जिंदल अस्पताल में, कुछ मेडिकल कॉलेज में और अन्य अंबेडकर अस्पताल में भर्ती हैं। इस प्रकार, कुल 20 लोगों को चिकित्सा देखभाल मिल रही है और उनमें से पांच को आगे के इलाज के लिए अन्य स्थानों पर रेफर किया गया है।” उन्होंने बताया कि कलेक्टर के साथ एक टीम ने सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत ‘ग्राउंड जीरो’ स्थल का दौरा किया।