रायपुर : छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में एसीबी/ईओडब्ल्यू ने निलंबित आईएएस अधिकारी समीर विश्नोई के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी करोड़ों रुपये की संपत्तियां अटैच कर दी हैं।
आय से अधिक संपत्ति के मामले में विशेष न्यायालय ने यह सख्त आदेश जारी किया है, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, एसीबी/ईओडब्ल्यू की विशेष कोर्ट ने समीर विश्नोई की 9 अतिरिक्त अवैध अचल संपत्तियों पर रोक लगाने का आदेश दिया है। साथ ही करीब 4 करोड़ रुपये की संपत्ति को कुर्क करने का भी निर्देश दिया गया है। इस आदेश के बाद इन संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इस मामले में 5 संपत्तियों को अटैच कर चुका है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, समीर विश्नोई और उनकी पत्नी प्रीति विश्नोई के नाम पर करीब 15 से 20 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्तियों का खुलासा हुआ है। आरोप है कि इन संपत्तियों को अवैध तरीके से अर्जित धन से खरीदा गया था, जो उनकी ज्ञात आय से कहीं अधिक है। इस आधार पर इन्हें आय से अधिक संपत्ति की श्रेणी में रखते हुए जब्त किया गया है। एसीबी/ईओडब्ल्यू की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने अवैध कमाई को छिपाने के लिए 3 से 4 फर्मों का निर्माण किया था। इन फर्मों के जरिए धन का निवेश किया गया और फिर उसी के माध्यम से विभिन्न संपत्तियां खरीदी गईं।
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह पूरा नेटवर्क काले धन को वैध दिखाने के उद्देश्य से तैयार किया गया था। कार्रवाई के तहत महासमुंद जिले में लगभग 22 एकड़ जमीन, नया रायपुर में स्थित महंगी जमीन, रायपुर के गायत्री नगर में मकान सहित कई अन्य संपत्तियों को सीज किया गया है। इन सभी संपत्तियों की कुल कीमत करोड़ों रुपये में आंकी जा रही है। बताया जा रहा है कि इनमें से अधिकांश संपत्तियां आरोपी ने अपनी पत्नी और रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी थीं। यह मामला प्रदेश के बहुचर्चित कोयला घोटाले से जुड़ा हुआ है।
आरोप है कि घोटाले के दौरान ऑनलाइन सिस्टम को ऑफलाइन कर अनियमितताएं की गईं, जिसमें समीर विश्नोई की भूमिका सामने आई थी। इसी आधार पर एसीबी/ईओडब्ल्यू ने कोर्ट में संपत्तियों को अटैच करने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। गौरतलब है कि इससे पहले इस मामले में रानू साहू और सौम्या चौरसिया की संपत्तियों पर भी कार्रवाई की जा चुकी है। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से यह साफ संकेत मिल रहा है कि एजेंसियां भ्रष्टाचार के मामलों में सख्ती बरत रही हैं।



















