नई दिल्ली : देश में इस समय LPG सप्लाई की बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक देश में हर दिन करीब 4 लाख बैरल LPG की कमी देखी जा रही है। अप्रैल में भारत का LPG आयात घटकर लगभग 3.77 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया। जबकि फरवरी में यह आंकड़ा 8.81 लाख बैरल प्रतिदिन था। माना जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय हालात और सप्लाई में रुकावट के कारण आने वाले समय में गैस सिलेंडर की उपलब्धता और कीमत दोनों प्रभावित हो सकती है।
होर्मुज जलडमरूमध्य संकट का असर
इस संकट की बड़ी वजह होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी स्थिति मानी जा रही है। फरवरी तक यह समुद्री रास्ता सामान्य रूप से चालू था। लेकिन अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद ईरान ने इसे बंद कर दिया। इससे तेल और गैस की सप्लाई पर असर पड़ा। हालांकि भारत में घरेलू LPG उत्पादन अप्रैल में बढ़कर करीब 5.30 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया। लेकिन यह मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त नहीं माना जा रहा।
सप्लाई संकट से निपटने में जुटी सरकार
सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए लगातार कदम उठा रही है। मार्च में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी भी की गई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार तेल कंपनियों को एक घरेलू सिलेंडर पर भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके अलावा सरकार ने PNG कनेक्शन वाले घरों से LPG कनेक्शन सरेंडर करने की अपील की है। साथ ही ‘एक घर, एक कनेक्शन’ नियम भी लागू किया गया है ताकि सब्सिडी का सही इस्तेमाल हो सके।
नए देशों से बढ़ाई जा रही LPG खरीद
भारत अपनी जरूरत का लगभग दो-तिहाई LPG विदेशों से आयात करता है। अभी UAE, कतर, कुवैत और सऊदी अरब सबसे बड़े सप्लायर हैं। सप्लाई संकट को कम करने के लिए भारत अब ऑस्ट्रेलिया, अर्जेंटीना, चिली और ईरान जैसे देशों से भी LPG खरीद बढ़ा रहा है। हालांकि इन देशों से सप्लाई आने में 20 से 45 दिन तक का समय लग सकता है। जिससे तत्काल राहत मिलना आसान नहीं दिख रहा।






















