रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर शराब घोटाले को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र चैतन्य बघेल को जमानत मिलने के बाद कांग्रेस के कुछ नेताओं द्वारा “सत्यमेव जयते” लिखे पोस्टर उनके फोटो के साथ लगाए जा रहे हैं, जो न केवल अनुचित है बल्कि कानून की प्रक्रिया को भी गलत ढंग से प्रस्तुत करता है।
भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केवल जमानत मिल जाना किसी भी व्यक्ति को दोषमुक्त नहीं करता। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि चैतन्य बघेल को जमानत मिलने के आधार पर निर्दोष माना जा रहा है, तो फिर पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को जमानत न मिलने पर क्या कांग्रेस उन्हें दोषी मान चुकी है? क्या कांग्रेस यह स्वीकार कर रही है कि शराब घोटाले के कथित सरगना कवासी लखमा ही थे?
कांग्रेस पर दोहरे मापदंड का आरोप
अमित चिमनानी ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी का रवैया साफ तौर पर दोहरा है। एक ओर पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे के लिए जमानत को “सत्य की जीत” बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर एक आदिवासी नेता कवासी लखमा के मामले में वही संवेदनशीलता और समर्थन नजर नहीं आता। उन्होंने कहा कि यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या कांग्रेस ने एक आदिवासी नेता को केवल मोहरे के रूप में इस्तेमाल किया और अब मुश्किल समय में उसे अकेला छोड़ दिया है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह यह मानती है कि कवासी लखमा ही शराब घोटाले के मुख्य आरोपी थे। यदि ऐसा नहीं है, तो फिर चैतन्य बघेल और कवासी लखमा के मामलों में अलग-अलग राजनीतिक व्यवहार क्यों अपनाया जा रहा है।
जमानत और दोषमुक्ति में अंतर
अमित चिमनानी ने जोर देकर कहा कि कानून में जमानत और दोषमुक्ति के बीच स्पष्ट अंतर है। उन्होंने कहा, “जमानत मिलना यह साबित नहीं करता कि व्यक्ति निर्दोष है। यह केवल एक कानूनी प्रक्रिया है, जिससे आरोपी को जांच या ट्रायल के दौरान राहत मिलती है।” उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जमानत को राजनीतिक विजय के रूप में प्रस्तुत करना जनता को भ्रमित करने का प्रयास है।
भ्रष्टाचार पर सख्त रुख
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले, जनता के पैसे की लूट करने वाले और शराब घोटाले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि चाहे वह कितना ही प्रभावशाली या राजनीतिक रूप से मजबूत क्यों न हो, कानून अपना काम करेगा। अंत में अमित चिमनानी ने कहा कि भाजपा का रुख स्पष्ट है—भ्रष्टाचार के मामलों में न कोई दबाव स्वीकार किया जाएगा और न ही किसी को राजनीतिक संरक्षण मिलेगा। उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि वह आदिवासी नेताओं के साथ भेदभाव बंद करे और कानून की प्रक्रिया का सम्मान करे।



























