कवर्धा : छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश के बीच कबीरधाम जिले से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। जिले में एक ही दिन करंट लगने की दो अलग-अलग घटनाओं में एक मासूम सहित तीन लोगों की मौत हो गई। इन हादसों के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है। पुलिस ने दोनों मामलों में जांच शुरू कर दी है।
खेत में करंट की चपेट में आए पिता-पुत्र, दोनों की मौके पर मौत
पहली घटना कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा थाना क्षेत्र के ग्राम बीरनपुर कला की है। यहां खेत की मेड़ पर लगाए गए विद्युत झटका तार (इलेक्ट्रिक फेंसिंग) की चपेट में आने से पिता और पुत्र की मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, किसान गोकरण पटेल (55) अपने पुत्र परेश पटेल (22) के साथ धान की बुआई करने खेत पहुंचे थे। लगातार बारिश के कारण खेत में पानी भरा हुआ था। इसी दौरान परेश करंट की चपेट में आ गया।
बेटे को बचाने के लिए दौड़े पिता गोकरण भी करंट की चपेट में आ गए। तेज करंट लगने से दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजन खेत पहुंचे तो दोनों को जमीन पर पड़ा देखा। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से बिजली आपूर्ति बंद कराई गई, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
अर्थिंग तार में दौड़े करंट से 8 वर्षीय बच्चे की मौत
दूसरी घटना कुकदुर थाना क्षेत्र के ग्राम नागाटोला माठपुर की है। यहां बिजली के पोल के अर्थिंग तार में कथित रूप से करंट प्रवाहित होने के कारण श्रवण बैगा (8 वर्ष) की दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि श्रवण गांव में खेल रहा था। इसी दौरान वह अर्थिंग तार के संपर्क में आ गया और करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद परिवार और पूरे गांव में मातम छा गया।
बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप
घटना की सूचना मिलते ही कुकदुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस तथा संबंधित विभाग इस बात की जांच कर रहे हैं कि अर्थिंग तार में करंट कैसे आया। ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।























