रायगढ़ : रायगढ़ जिले के लैलूंगा स्थित शासकीय महाविद्यालय में प्रोफेसर और छात्रा के बीच कथित अश्लील मैसेज विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। दो दिन पहले वायरल हुए एक वीडियो में छात्रा अपने मंगेतर के साथ प्रोफेसर के घर पहुंचकर हंगामा और मारपीट करती दिखाई दी थी। इस घटना के बाद गुरु-शिष्य संबंधों, महिलाओं की सुरक्षा और शिक्षण संस्थानों की गरिमा को लेकर व्यापक बहस छिड़ गई थी। अब सोशल मीडिया पर एक और कथित वीडियो सामने आया है, जिसने पूरे मामले को नया आयाम दे दिया है।
वायरल वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसमें छात्रा कथित तौर पर प्रोफेसर से ढाई लाख रुपये की मांग करती सुनाई दे रही है। वीडियो में रकम नहीं देने पर घर और गाड़ी बेचने तक की बात कहते हुए कथित तौर पर धमकी भी दी जा रही है।
वायरल वीडियो के बाद बदल गया मामले का एंगल
नए कथित वीडियो के सामने आने के बाद अब इस मामले को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। जहां शुरुआती घटनाक्रम के बाद लोगों की सहानुभूति छात्रा की ओर दिखाई दे रही थी, वहीं अब सोशल मीडिया पर कई लोग इस पूरे प्रकरण को कथित ब्लैकमेलिंग और दबाव बनाने की कोशिश के नजरिए से भी देख रहे हैं।हालांकि, इन दावों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पूरे मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस के सामने बढ़ी जांच की चुनौती
लैलूंगा थाना पुलिस के लिए यह मामला अब और अधिक संवेदनशील हो गया है। पहले जांच का केंद्र प्रोफेसर रेमन भार्गव के कथित डेढ़ साल पुराने व्हाट्सएप और टेलीग्राम चैट थे, जिनमें अश्लील संदेश भेजने के आरोप लगाए गए थे।अब वायरल हुए नए कथित वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस को इसकी प्रामाणिकता, वीडियो की फोरेंसिक जांच और उसमें किए गए कथित दावों की भी पड़ताल करनी होगी। यदि वीडियो वास्तविक पाया जाता है, तो जांच का दायरा और कानूनी पहलू दोनों बदल सकते हैं।
जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई
फिलहाल इस मामले में कई तरह के दावे और प्रतिदावे सामने आ रहे हैं। एक ओर प्रोफेसर पर गंभीर आरोप हैं, तो दूसरी ओर नए वायरल वीडियो ने छात्रा और उसके मंगेतर की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे में बिना आधिकारिक जांच के किसी भी पक्ष को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।पुलिस और फोरेंसिक जांच के निष्कर्षों के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह मामला कथित उत्पीड़न का है, ब्लैकमेलिंग का है या फिर दोनों पक्षों के आरोपों के पीछे कोई और सच्चाई छिपी हुई है।























