मुंगेली : जिले के नेवासपुर गांव में हुए 17 वर्षीय नाबालिग बालिका के सनसनीखेज हत्याकांड में एक बड़ा न्यायिक मोड़ आया है। शुरुआती सुनवाई के दौरान सीजेएम (CJM) न्यायालय से राहत मिलने के बाद पुलिस ने उच्च न्यायालय का रुख किया, जिसके बाद अपर सत्र न्यायालय के आदेश पर दोनों आरोपियों को दोबारा न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। 30 अक्टूबर को दोनों आरोपियों को जेल दाखिल करने की कार्रवाई पूरी कर ली गई।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुंगेली के नेवासपुर क्षेत्र में 17 वर्षीय नाबालिग बालिका की हत्या का मामला सामने आया था। जांच में यह बात सामने आई कि मुख्य आरोपी को मृतका के साथ प्रेम संबंध और किसी अन्य युवक से बातचीत करने का शक था। इसी शक और खुन्नस के चलते मुख्य आरोपी ने गला दबाकर नाबालिग बालिका की निर्मम हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अजीत घृतलहरे और साहिल खाण्डे को गिरफ्तार किया था।
सीजेएम कोर्ट के आदेश के खिलाफ पुलिस का रिविजन आवेदन
गिरफ्तारी के बाद जब आरोपियों को प्रारंभिक सुनवाई के लिए सीजेएम न्यायालय में पेश किया गया था, तब वहां से आरोपियों को राहत मिल गई थी और पुलिस का रिमांड आवेदन निरस्त कर दिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने हार नहीं मानी और तुरंत मुंगेली के अपर सत्र न्यायालय में रिविजन (पुनरीक्षण) आवेदन प्रस्तुत किया। पुलिस ने अदालत के सामने मजबूत दलीलें और साक्ष्य रखे, जिनके आधार पर अपर सत्र न्यायालय ने सीजेएम के पूर्व आदेश को खारिज कर दिया।
न्यायालय के इस कड़े आदेश के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को दोबारा हिरासत में लेकर 30 अक्टूबर को जेल दाखिल करने की कार्रवाई सुनिश्चित की है। पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।



























