रायपुर : छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में शनिवार देर रात केंद्रीय जांच एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई से हड़कंप मच गया। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग की संयुक्त टीम ने प्रसिद्ध पीतल कारोबारी राजकुमार सराफ के आवास और कारखाने पर एक साथ छापेमारी की। देर रात शुरू हुई यह कार्रवाई रविवार तक लगातार जारी रही, जिससे इलाके में चर्चाओं का दौर तेज हो गया।
15 घंटे से दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच
सूत्रों के अनुसार, गौरव पथ स्थित कारोबारी के आवास और फैक्ट्री में ईडी और आयकर विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से वित्तीय दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड, खातों और अन्य महत्वपूर्ण कागजात की गहन जांच की। कार्रवाई के दौरान परिसर में किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगाई गई और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय पुलिस बल तैनात किया गया।
शराब कारोबार से जुड़े एंगल की भी जांच
सूत्रों का कहना है कि जांच का दायरा केवल पीतल कारोबार तक सीमित नहीं है। कारोबारी के बेटे के कथित तौर पर शराब कारोबार से जुड़े होने की जानकारी के आधार पर एजेंसियां वित्तीय लेनदेन और अन्य संभावित अनियमितताओं की भी पड़ताल कर रही हैं। हालांकि, कोयला या शराब के कथित काले कारोबार से संबंधों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियों ने अब तक इस मामले में कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया है।
मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स चोरी के एंगल से पड़ताल
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, ईडी और आयकर विभाग की संयुक्त कार्रवाई में मनी लॉन्ड्रिंग, टैक्स चोरी और वित्तीय लेनदेन से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने कई दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच की है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में क्या तथ्य सामने आते हैं।
कारोबारियों में बढ़ी हलचल
इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई के बाद बलौदाबाजार सहित प्रदेश के व्यापारिक जगत में हलचल तेज हो गई है। कारोबारी वर्ग की नजर अब जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई और संभावित खुलासों पर टिकी हुई है। फिलहाल जांच जारी है और एजेंसियों की ओर से आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।

























