सूरजपुर : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में न्यायालय को फर्जी दस्तावेजों के जरिए गुमराह कर आरोपियों की जमानत कराने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में देव प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने अपने ही पिता के नाम से तैयार किए गए फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर अदालत में खुद को उनके रूप में पेश किया और जमानत प्रक्रिया पूरी कराई।
पुलिस का मानना है कि यह किसी बड़े फर्जीवाड़े का हिस्सा हो सकता है और मामले की कई कड़ियों की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, देव प्रताप सिंह ने अपने पिता के नाम से तैयार फर्जी आधार कार्ड का उपयोग किया। इसी फर्जी पहचान के आधार पर वह न्यायालय में पेश हुआ, दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए और आरोपियों की जमानत कराने की प्रक्रिया पूरी कराई। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि अदालत को गुमराह करने के लिए पूरी योजना के तहत फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए थे।
मामले के खुलासे के बाद सूरजपुर पुलिस जिले के विभिन्न आपराधिक प्रकरणों की फाइलें खंगाल रही है। जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए अब तक कितने मामलों में जमानत कराई गई और इस पूरे खेल में किन-किन लोगों की भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि यदि अन्य मामलों में भी इसी तरह की गड़बड़ी मिली तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह नेटवर्क केवल सूरजपुर तक सीमित नहीं है।
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं अंबिकापुर न्यायालय में भी इसी तरीके से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमानत तो नहीं कराई गई। इसी संभावना को देखते हुए जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। पुलिस अब उन लोगों की तलाश में जुटी है जिन्होंने फर्जी आधार कार्ड तैयार किए। जांच का फोकस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने पर है, ताकि दस्तावेज तैयार करने वालों से लेकर उनका इस्तेमाल करने वालों तक सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।










































