Surajpur

CG Crime : अंधविश्वास बना हत्या की वजह नाले में मिले युवक के शव की 8 दिन बाद सुलझी गुत्थी, जांच के दौरान हो गई एक और मौत

सूरजपुर : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में जादू-टोने के शक में एक युवक की हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। नाले में मिले नाहर सिंह के शव की गुत्थी सुलझाने में पुलिस को करीब आठ दिन लगे। पुलिस के मुताबिक, हत्या का संदेह मृतक के पड़ोस में रहने वाले बालगोविंद पर गया था, लेकिन पुलिस उससे पूछताछ कर पाती, इससे पहले ही उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इसके बाद बालगोविंद की पत्नी और बेटी से पूछताछ में कथित हत्या के पीछे की वजह सामने आई। पुलिस ने परिजनों के बयान और जांच में मिले तथ्यों के आधार पर मामले का खुलासा करने का दावा किया है।

12 अक्टूबर को नाले में मिला था शव

मामला सूरजपुर जिले के बसदेई चौकी क्षेत्र के सोनपुर गांव का है। यहां 12 अक्टूबर को नाले में नाहर सिंह का शव मिला था। शव के सिर पर धारदार हथियार से पांच वार किए जाने के निशान थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने हत्या की आशंका के आधार पर जांच शुरू की, लेकिन शुरुआती दिनों में कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। इसी दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि मृतक के घर के पास रहने वाले बालगोविंद ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। शुरुआत में उसकी मौत को अलग घटना माना जा रहा था, लेकिन पुलिस ने दोनों मामलों के बीच संभावित संबंध की जांच की।

घर में बीमारी से नाहर सिंह पर करने लगा शक

पुलिस की पूछताछ में बालगोविंद की पत्नी और बेटी के बयानों के आधार पर कथित घटनाक्रम सामने आया। परिजनों के मुताबिक, नाहर सिंह पूजा-पाठ किया करता था। इसी बीच बालगोविंद के घर में लोग अक्सर बीमार रहने लगे, जिसके बाद उसे नाहर सिंह पर जादू-टोना करने का शक होने लगा। बताया गया कि इसी संदेह के चलते बालगोविंद ने नाहर सिंह की हत्या कर दी। आरोप है कि वारदात के बाद उसने अपनी पत्नी से कहा कि उसने सब ठीक कर दिया है और अब नाहर उन्हें परेशान नहीं करेगा। हालांकि, पुलिस की जांच में सामने आए इन तथ्यों की पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर स्वतंत्र रूप से नहीं की जा सकती।

आरोपी ने भी फांसी लगाकर की आत्महत्या

नाहर सिंह की हत्या के मामले में संदेह के घेरे में आए बालगोविंद ने बाद में झाड़ियों के बीच एक पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस कारण पुलिस उससे पूछताछ नहीं कर सकी। पुलिस ने परिजनों के बयान और अन्य जांच तथ्यों के आधार पर हत्या की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है।

अंधविश्वास के चलते दो परिवारों पर टूटा दुख

यह घटना जादू-टोने के संदेह और अंधविश्वास से जुड़े गंभीर सामाजिक सवाल खड़े करती है। घर में बीमारी होने के पीछे किसी व्यक्ति को जिम्मेदार मान लेना और बिना प्रमाण उसके खिलाफ हिंसा करना एक परिवार को उजाड़ सकता है। इस मामले में एक युवक की जान चली गई और संदिग्ध आरोपी की भी मौत हो गई। पुलिस की जांच में सामने आए घटनाक्रम ने समाज में अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता की जरूरत को फिर रेखांकित किया है।

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