नई दिल्ली

SCO समिट में PM मोदी का आतंकवाद पर प्रहार, शहबाज शरीफ के सामने दिया कड़ा संदेश

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इसके वित्तपोषण, भर्ती, कट्टरपंथ और सुरक्षित पनाहगाहों के पूरे इकोसिस्टम को ध्वस्त करना होगा। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर दोहरे मापदंड की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। मंगलवार को सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने SCO के 25 वर्षों के सफर का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संगठन ने यूरेशिया के विशाल क्षेत्र में संवाद और सहयोग की मजबूत परंपरा विकसित की है। अब आने वाले 25 वर्षों में इस सहयोग को ठोस उपलब्धियों में बदलना लक्ष्य होना चाहिए।

सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसर पर जोर

पीएम मोदी ने भारत की SCO को लेकर सोच के तीन प्रमुख स्तंभों—सिक्योरिटी, कनेक्टिविटी और ऑर्प्चुनिटी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक अस्थिरता के दौर में इन तीनों स्तंभों को विजन से आगे बढ़ाकर ठोस परिणामों में बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि शांति और सुरक्षा इसकी पहली आवश्यकता है। आतंकवाद को केवल कार्रवाई और प्रतिक्रिया तक सीमित रखकर नहीं देखा जा सकता। इसके पूरे नेटवर्क के खिलाफ सामूहिक और प्रभावी कार्रवाई जरूरी है।

आतंकवाद को लेकर किसी देश का नाम लिए बिना निशाना

प्रधानमंत्री ने किसी देश का नाम लिए बिना कहा कि जो देश आतंकवाद को अपनी नीति का साधन बनाते हैं और आतंकियों को पनाह या समर्थन देते हैं, उन्हें स्पष्ट संदेश देना होगा कि आतंकवाद किसी के लिए रणनीतिक संपत्ति नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि शांत और सुरक्षित यूरेशिया की साझा आकांक्षा अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता से भी जुड़ी है। भारत अफगानिस्तान के लोगों के विकास और मानवीय सहायता में योगदान देता रहा है और आगे भी करता रहेगा।

युद्ध नहीं, बातचीत और कूटनीति से समाधान

पश्चिम एशिया के संकट का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज की आपस में जुड़ी दुनिया में किसी एक क्षेत्र का संघर्ष सिर्फ वहीं तक सीमित नहीं रहता। इसका असर ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री व्यापार और वैश्विक सप्लाई चेन पर पड़ता है, जिसका सबसे अधिक प्रभाव ग्लोबल साउथ के देशों पर पड़ता है। उन्होंने दोहराया कि तनाव और युद्धों का समाधान युद्ध के मैदान में नहीं, बल्कि संवाद और कूटनीति से ही संभव है।

ड्रग तस्करी भी क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा

पीएम मोदी ने नशीले पदार्थों की तस्करी को भी गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि यह केवल अपराध नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। उन्होंने SCO के तहत सुरक्षा खतरों, संगठित अपराध, सूचना सुरक्षा और नारकोटिक्स जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए बनाए जा रहे केंद्रों को सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने कहा कि इन व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने के लिए व्यावहारिक समन्वय और समय पर कार्रवाई जरूरी है।

What's your reaction?

Related Posts

EPFO Latest Update Today News : अब ATM और UPI के जरिये भी सीधे EPF का पैसा निकाल सकेंगे लोग, जानें कब से मिलेगी सुविधा

नयी दिल्ली : सेवानिवृत्ति कोष का प्रबंधन करने वाले निकाय ईपीएफओ के सदस्य जल्द ही…

Breaking News : रद्द हुई सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां, अचानक जारी हुआ आदेश, जानें किस वजह से लिया गया ये फैसला

नई दिल्ली : देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन…

1 of 34