जगदलपुर : बस्तर पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय की वेतन शाखा में करोड़ों रुपये के गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने वेतन शाखा में पदस्थ तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने महज दो वर्षों के भीतर करीब 2 करोड़ रुपये का गबन किया।
वेतन बढ़ाकर निकालते रहे सरकारी राशि
जांच में खुलासा हुआ है कि तीनों आरोपी मिलकर पुलिस विभाग के कुछ कर्मचारियों का वेतन रिकॉर्ड में बढ़ाकर अतिरिक्त राशि का आहरण करते थे। इस फर्जीवाड़े के जरिए सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये निकाले गए। बताया जा रहा है कि इस घोटाले का शिकार 15 से अधिक पुलिसकर्मी भी बने।
शेयर मार्केट और क्रिप्टो में लगाया पैसा
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गबन की गई बड़ी रकम को आरोपियों ने शेयर मार्केट और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश किया था। लेकिन निवेश में भारी नुकसान होने के बाद घाटे की भरपाई के लिए उन्होंने लगातार सरकारी धन का दुरुपयोग करना शुरू कर दिया। अधिक मुनाफे के लालच ने आखिरकार उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
लोन दिलाने का झांसा देकर भी की वसूली
मामले में यह भी जानकारी सामने आई है कि आरोपियों ने कुछ पुलिसकर्मियों को लोन दिलाने का लालच देकर उनसे नकद रकम भी ली थी। इस पूरे मामले में धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और सरकारी धन के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं।
अमानत में खयानत का गंभीर मामला
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह मामला सरकारी धन में हेराफेरी और अमानत में खयानत का गंभीर मामला है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और पूरे वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है।
बस्तर एसपी खुद करेंगे जांच
इस हाई-प्रोफाइल मामले की गंभीरता को देखते हुए बस्तर एसपी स्वयं पूरे मामले की मॉनिटरिंग और जांच करेंगे। यह पता लगाया जाएगा कि घोटाले में केवल तीन कर्मचारी शामिल थे या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी सक्रिय था। साथ ही यह भी जांच होगी कि दो करोड़ रुपये के गबन में और किन-किन लोगों की भूमिका रही।पुलिस विभाग अब वेतन शाखा के पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रहा है, ताकि किसी अन्य अनियमितता का भी पता लगाया जा सके।























