जगदलपुर : केंद्रीय जेल जगदलपुर की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। कुछ माह पहले जेल से एक कैदी के फरार होने की घटना का खुलासा अब तक नहीं हो पाया है, वहीं अब एक महिला कैदी द्वारा जेल परिसर के भीतर आत्महत्या किए जाने से जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक दरभा थाना क्षेत्र के चितापुर निवासी 35 वर्षीय रयमती बघेल अपने चाचा ससुर की हत्या के मामले में सजा काट रही थी।
बताया जा रहा है कि मृतका का चाचा ससुर उस पर गलत नजर रखता था और लगातार छेड़छाड़ कर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। सामाजिक और पारिवारिक दबाव के चलते वह यह पीड़ा किसी से साझा नहीं कर सकी। लगातार हो रही प्रताड़ना से तंग आकर उसने अपने चाचा ससुर की हत्या कर दी थी। जिसके बाद उसे अप्रैल माह में केंद्रीय जेल जगदलपुर भेजा गया था। जेल में दाखिल होने के बाद से महिला कैदी से उसका कोई भी परिजन उससे मिलने नहीं आया। इससे वह गहरे मानसिक तनाव और अवसाद में थी।
उसने कई बार परिवार तक संदेश पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन कोई उसकी सुध लेने नहीं पहुंचा। बैरक में रहने वाली अन्य महिला बंदियों से भी वह अक्सर अपना दुख साझा करती थी। बताया जा रहा है कि 31 मई को रयमती अपने बैरक से निकलकर पास स्थित एक खाली बैरक के समीप पहुंची और वहां लोहे की खिड़की में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। काफी देर तक नजर नहीं आने पर अन्य बंदियों और जेल कर्मियों ने उसकी तलाश शुरू की, तब उसका शव फंदे पर लटका मिला।
घटना की सूचना मिलते ही जेल प्रबंधन में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दी गयी, जिसके बाद पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे गंभीर सवाल
महिला कैदी द्वारा जेल परिसर के भीतर आत्महत्या कर लेना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि आखिर जेल प्रशासन की निगरानी व्यवस्था के बीच एक बंदी खाली बैरक तक कैसे पहुंच गई ?
और उसे आत्मघाती कदम उठाने से क्यों नहीं रोका जा सका। इस घटना के बाद एक बार फिर जेल परिसर में तैनात सुरक्षा कर्मियों और निगरानी तंत्र की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। आपको बता दे कुछ माह पूर्व भी केंद्रीय जेल से एक कैदी फरार हो गया था, जिसे अब तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। लगातार सामने आ रही घटनाओं ने एक बार फिर जगदलपुर केंद्रीय जेल की सुरक्षा व्यवस्था और बंदियों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ेे कर दिये है।























