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भारत में कोरोना ने फिर बढ़ाई टेंशन! इतने मरीजों में RF.5 वैरिएंट की पुष्टि, जानिए कितना खतरनाक है ये?

अमरावती : आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने कहा है कि राज्य में कोविड-19 के चार नमूनों के जीनोम अनुक्रमण के बाद ‘ओमिक्रॉन आरएफ.5’ स्वरूप का पता चला है। स्वास्थ्य विभाग ने कडपा जिले में सामने आए कोविड-19 मामलों के चार नमूने परीक्षण के लिए पुणे की राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान प्रयोगशाला में भेजे थे, और नतीजों से ओमिक्रॉन के आरएफ.5 उपस्वरूप की मौजूदगी की पुष्टि हुई है।

शनिवार को जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, मंत्री ने पुणे से मिली जानकारी के बारे में वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ फोन पर बातचीत की और दक्षिणी राज्य में कोविड-19 की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि आरएफ.5 कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन स्वरूप का एक उपस्वरूप है और यह दुनिया भर में पहचाने गए ओमिक्रॉन के कई उपस्वरूपों में से एक है। चिकित्सा शिक्षा निदेशक विष्णुवर्धन ने कहा कि सार्स-कोव-2 की नियमित अनुक्रमण निगरानी के तहत आरएफ.5 स्वरूप पर नजर रखी जा रही है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) भी इस स्वरूप पर नजर रख रहा है, जिसके मामले सिंगापुर और दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ देशों में ज्यादा संख्या में सामने आए हैं। उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्यों का हवाला देते हुए विष्णुवर्धन ने कहा कि ऐसा कोई संकेत नहीं है कि आरएफ.5 दूसरे ओमिक्रॉन स्वरूप से ज्यादा खतरनाक है। उन्होंने कहा कि जनता को घबराने की जरूरत नहीं है, बस सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

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