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CG News : युवती को था बुखार, डॉक्टर ने किडनी – लीवर फेल बताकर कर दिया रेफर, परिजनों की शिकायत पर महिला डाक्टर को नोटिस

दुर्ग : दुर्ग जिला अस्पताल एक बार फिर विवादों में आ गया है। यहां पदस्थ एक महिला डॉक्टर पर मरीज की बीमारी का गलत आकलन करने और बिना पर्याप्त आधार के गंभीर बीमारी बताकर रेफर करने का आरोप लगा है। पीड़ित परिवार ने इस मामले को लेकर अस्पताल प्रबंधन से शिकायत करते हुए संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।जानकारी के अनुसार, एक युवती को बुखार की शिकायत के बाद जिला अस्पताल लाया गया था।

परिजनों का आरोप है कि जांच और उपचार के दौरान महिला डॉक्टर ने युवती की स्थिति को अत्यंत गंभीर बताते हुए उसके किडनी और लिवर फेल होने की बात कही। साथ ही तत्काल रायपुर के मेकाहारा अस्पताल रेफर करने की सलाह दी गई।

गंभीर बीमारी की जानकारी से सदमे में आए परिजन

अचानक किडनी और लिवर फेल होने जैसी गंभीर बात सुनकर परिजन घबरा गए। परिवार के सदस्यों का कहना है कि युवती में ऐसे कोई स्पष्ट लक्षण नहीं थे, जिससे इतनी गंभीर स्थिति का अंदेशा हो। डॉक्टर की बात सुनकर पूरा परिवार मानसिक तनाव और सदमे में आ गया।परिजनों ने युवती को तत्काल रायपुर ले जाने की तैयारी शुरू कर दी, लेकिन इस बीच उन्होंने दूसरे चिकित्सकों से भी सलाह लेने का निर्णय लिया।

निजी अस्पताल में इलाज के बाद स्वस्थ हुई युवती

सरकारी अस्पताल से रेफर किए जाने के बाद युवती को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जांच और उपचार किया गया। परिजनों के अनुसार, दो दिनों के इलाज के बाद युवती पूरी तरह स्वस्थ हो गई और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।इस घटनाक्रम के बाद परिवार को यह संदेह हुआ कि जिला अस्पताल में बीमारी का गलत आकलन किया गया था और बिना पर्याप्त चिकित्सकीय आधार के मरीज और परिजनों को भयभीत किया गया।

सिविल सर्जन से की गई लिखित शिकायत

घटना से नाराज परिजनों ने जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. आशीष मिंज को लिखित शिकायत सौंपकर पूरे मामले की जांच की मांग की। शिकायत में आरोप लगाया गया कि महिला डॉक्टर की लापरवाही और गलत डायग्नोसिस के कारण परिवार को अनावश्यक मानसिक तनाव और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।परिजनों ने कहा कि यदि वे डॉक्टर की बात पर पूरी तरह भरोसा कर सीधे बड़े अस्पताल पहुंच जाते, तो उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ और परेशानी का सामना करना पड़ता।

महिला डॉक्टर को जारी हुआ कारण बताओ नोटिस

मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन डॉ. आशीष मिंज ने संबंधित महिला डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अस्पताल प्रशासन ने डॉक्टर से पूरे मामले पर स्पष्टीकरण मांगा है और निर्धारित समय के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि शिकायत की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि चिकित्सकीय लापरवाही या कार्य में गंभीर त्रुटि सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मरीजों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

इस घटना के बाद सरकारी अस्पतालों में उपचार व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि डॉक्टरों की एक गलत राय मरीज और उसके परिवार पर गहरा मानसिक प्रभाव डाल सकती है। ऐसे मामलों में पूरी सावधानी और वैज्ञानिक जांच के आधार पर ही गंभीर बीमारियों की जानकारी दी जानी चाहिए।

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