जगदलपुर : शहर के विजय वार्ड में करीब 22 साल पहले धर्मांतरण कर चुके 3 परिवारों के 11 सदस्यों ने अपनी स्वेच्छा से सनातन धर्म में घर वापसी की। इस कार्यक्रम का आयोजन सनातन क्षेत्रीय मंच के के द्वारा कराया गया धार्मिक रीति-रिवाज से हुआ स्वागत, समारोह के दौरान विश्व हिंदू परिषद सदस्य और अन्य कार्यकर्ताओं ने धर्मांतरित परिवारों के सदस्यों के पैर धोकर उनका अभिनंदन किया। उन्हें उपहार स्वरूप भगवा गमछा और श्रीमद्भगवद्गीता भेंट की गई।
22 साल बाद की सनातन धर्म में वापसी
घर वापसी करने वाले सदस्यों ने बताया कि दो दशक पहले उन्होंने किन्हीं कारणों से धर्म परिवर्तन कर लिया था, लेकिन अपनी जड़ों और संस्कृति से दूर होने का मलाल उन्हें हमेशा रहा। सुंदरकांड और महाप्रसाद का आयोजन। इस अवसर पर शिव मंदिर में भव्य सुंदरकांड का पाठ किया गया, जिसमें भजन मंडली और स्थानीय निवासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंत में राम भोग का वितरण किया गया।
बस्तर में घर वापसी का दौर
बता दें कि बस्तर में इन दिनों घर वापसी का दौर तेजी से चल रहा है, संभाग के कई जिलों में हाल में सैकड़ों लोगों ने घर वापसी की है। बीते दिनों बड़ेतेवड़ा के आश्रित ग्राम सोड़ेपारा के 6 परिवार के सदस्यों ने हिंदू धर्म में वापसी की है। परिवार के सभी सदस्यों ने ग्राम पटेल के सामने शीतला मंदिर में घर-वापसी की है। ज्ञात हो कि बड़ेतेवड़ा में हुई घटना के बाद इलाके चर्च प्रमुख भी सनतान धर्म में वापसी कर चुके हैं।
हिंदुओं के खिलाफ भड़काती है ईसाई मिशनरी
वहीं, घर वापसी करने वालों ने बताया था कि धर्मांतरण के लिए किसी प्रकार का आधिकारिक दस्तावेज नहीं होता। घर वापसी करने वाले लोगों ने दावा किया कि ईसाई मिशनरी उन्हें हिंदुओं के खिलाफ भड़काती थी और देवी-देवताओं की पूजा न करने की नसीहत दी जाती थी। उन्होंने कहा कि वर्षों तक उन्हें अपनी परंपराओं और आस्थाओं से दूर रखा गया। इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हिंसा और धार्मिक मतभेदों के चलते परिवारों ने अपनी जड़ों की ओर लौटने का फैसला किया।





















