Balod

CG News : शिक्षक रहते हैं स्कूल से गायब, नाराज छात्रों ने स्कूल में तालाबंदी कर शुरू कर दिया प्रदर्शन, इंग्लिश टीचर को बदलने की मांग

बालोद : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली को उजागर करता एक मामला सामने आया है। विकासखंड के ग्राम माटरी स्थित शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला में इंग्लिश टीचर की लगातार अनुपस्थिति से आक्रोशित ग्रामीणों ने स्कूल में तालाबंदी कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद न तो शिक्षा विभाग ने कोई ठोस कदम उठाया और न ही प्रशासन ने इस गंभीर समस्या पर ध्यान दिया, जिससे मजबूर होकर उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।

ग्रामीणों के अनुसार, दल्ली राजहरा से आने वाली इंग्लिश टीचर नियमित रूप से स्कूल में उपस्थित नहीं रहती हैं। लंबे समय से उनकी अनुपस्थिति के कारण छात्रों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है, खासकर अंग्रेजी विषय में बच्चों का शैक्षणिक स्तर लगातार गिरता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षक की गैरहाजिरी की शिकायत कई बार स्कूल प्रबंधन, शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारियों से की गई, लेकिन हर बार आश्वासन के अलावा कुछ भी नहीं मिला।

तीन दिनों से जारी है प्रदर्शन

इसी उपेक्षा से नाराज होकर ग्रामीणों ने तीन दिन पहले स्कूल में ताला जड़ दिया। स्कूल परिसर के बाहर ग्रामीण, अभिभावक और छात्र-छात्राएं मिलकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि प्रदर्शन के दौरान भी बच्चों की पढ़ाई को लेकर ग्रामीणों की चिंता साफ दिखाई दे रही है।

स्कूल बंद होने के कारण बच्चे खुले आसमान के नीचे और पेड़ों की छांव में बैठकर अपने हक की आवाज बुलंद कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य को बचाने के लिए किया जा रहा है। उनका स्पष्ट कहना है कि जब तक समस्या का समाधान नहीं होगा और स्कूल में नियमित रूप से पढ़ाने वाला इंग्लिश टीचर नियुक्त नहीं किया जाएगा, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।

शिक्षा विभाग और प्रशासन पर गंभीर आरोप

ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विभागीय अधिकारियों को बार-बार अवगत कराने के बावजूद समस्या को नजरअंदाज किया गया।

न तो निरीक्षण हुआ और न ही शिक्षक की उपस्थिति को लेकर कोई सख्त कार्रवाई की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षा विभाग की लापरवाही का खामियाजा सीधे-सीधे बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। एक अभिभावक ने बताया कि अंग्रेजी आज के समय में एक महत्वपूर्ण विषय है, लेकिन शिक्षक के अभाव में बच्चों की नींव कमजोर हो रही है। इससे आगे चलकर बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा में परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

शिक्षक को हटाने और नए शिक्षक की मांग

ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि वर्तमान इंग्लिश टीचर को तत्काल हटाया जाए और उनकी जगह किसी ऐसे शिक्षक की नियुक्ति की जाए, जो नियमित रूप से स्कूल में उपस्थित रहकर बच्चों को पढ़ा सके। साथ ही ग्रामीणों ने स्कूल में शिक्षकों की नियमित मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू करने की भी मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न बने।

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