रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। राज्य के सभी शासकीय सेवकों—अधिकारी एवं कर्मचारी—को अपनी अचल और चल संपत्ति का वार्षिक विवरण सरकार को सौंपना होगा। इसे लेकर सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं। यह आदेश छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 19(1) के तहत जारी किया गया है।
31 जनवरी 2026 अंतिम तिथि
जारी आदेश के अनुसार प्रत्येक शासकीय सेवक को अपने द्वारा धारित अचल संपत्ति का वार्षिक विवरण प्रतिवर्ष 31 जनवरी तक प्रस्तुत करना अनिवार्य है। इस बार यह विवरण कैलेंडर वर्ष 1 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2025 की अवधि में धारित संपत्तियों के संबंध में देना होगा। शासन ने स्पष्ट किया है कि तय समयसीमा के भीतर विवरण न देने की स्थिति में संबंधित कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
SPARROW पोर्टल से होगा ऑनलाइन सबमिशन
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार जनवरी 2026 से समस्त सचिवालय सेवा के अधिकारियों और कर्मचारियों को संपत्ति का विवरण एनआईसी (NIC) द्वारा संचालित SPARROW (epar.cg.gov.in) पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन प्रस्तुत करना होगा। इससे पहले जहां कागजी प्रक्रिया अपनाई जाती थी, वहीं अब पूरी प्रक्रिया डिजिटल कर दी गई है, ताकि रिकॉर्ड सुरक्षित रहे और पारदर्शिता बनी रहे।
किन-किन पर लागू होगा आदेश
यह निर्देश सचिवालय सेवा के सभी प्रथम और द्वितीय श्रेणी अधिकारियों के साथ-साथ तृतीय श्रेणी कर्मचारियों पर भी लागू होगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों के अपर मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर कहा है कि वे अपने-अपने विभागों में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को समय रहते इस संबंध में निर्देशित करें, ताकि कोई भी कर्मचारी तय समयसीमा से चूक न जाए।
अचल संपत्ति के साथ चल संपत्ति का भी ब्यौरा
हालांकि नियम 19(1) के तहत मुख्य रूप से अचल संपत्ति के वार्षिक विवरण का प्रावधान है, लेकिन शासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि कर्मचारियों को अपनी चल संपत्ति का विवरण भी अद्यतन रखना होगा। इससे आय और संपत्ति के बीच संतुलन की निगरानी आसान होगी और अनियमितताओं पर अंकुश लगाया जा सकेगा।
क्यों जरूरी है संपत्ति विवरण
शासन का मानना है कि संपत्ति विवरण की वार्षिक प्रक्रिया से भ्रष्टाचार पर नियंत्रण, आय के स्रोतों की पारदर्शिता और प्रशासन में विश्वास बढ़ाने में मदद मिलती है। साथ ही यह व्यवस्था यह सुनिश्चित करती है कि शासकीय सेवक अपने पद का दुरुपयोग कर अवैध संपत्ति अर्जित न कर सकें।
कर्मचारियों को सतर्क रहने की सलाह
शासन ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की है कि वे समय रहते SPARROW पोर्टल पर लॉगिन कर अपनी संपत्ति का विवरण सही और पूर्ण रूप से दर्ज करें। किसी भी प्रकार की त्रुटि या विलंब भविष्य में विभागीय कार्रवाई का कारण बन सकता है। इस आदेश के साथ ही छत्तीसगढ़ शासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि प्रशासनिक ईमानदारी और जवाबदेही से कोई समझौता नहीं किया जाएगा, और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।












































