नई दिल्ली : लेबर कोड के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है, इसमें सैलरी, पीएफ, ग्रेच्युटी और वर्किंग कल्चर समेत कई बदलाव शामिल हैं। इसी में एक खास बदलाव हफ्ते में काम को लेकर किया गया है, जिससे कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है। कर्मचारियों को अब सिर्फ 4 दिन काम करने के लिए कहा जा सकता है और उन्हें 2 दिन की बजाय हफ्ते में 3 दिन की छुट्टी भी मिल सकती है।
12 घंटे करना होगा काम
अगर आप हफ्ते में 3 दिन की छुट्टी लेंगे, तो आपको हर दिन 12 घंटे काम करना होगा। इस हिसाब से देखा जाए तो कर्मचारियों का वर्किंग घंटा हफ्ते में 48 घंटे से ज्यादा नहीं होगा। लेबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह नियम अनिवार्य नहीं है। कंपनी और कर्मचारियों के सहमति के बाद इसे लागू किया जा सकेगा। कोई भी नियोक्ता कर्मचारियों पर जबरदस्ती ये सिस्टम थोप नहीं सकता है।
हफ्ते में 48 घंटे से ज्यादा काम न कराया जाए
नए नियमों के शर्त के मुताबिक, कंपनियों को यह तय करना होगा कि कर्मचारियों से हफ्ते में 48 घंटे से ज्यादा काम न कराया जाए। नहीं तो ओवरटाइम का पेमेंट वेतन से डबल करना होगा। ऑक्यूपेशनल सेफ्टी हेल्थ वर्किंग कंडीशन रूल्स 2026 में रोजाना काम के घंटों से ज्यादा पूरे सप्ताह के कुल वर्किंग ऑवर्स पर फोकस रखा गया है। ऐसे में कंपनियों को शिफ्ट और काम का शेड्यूल तय करने में ज्यादा आसानी होगी।
इन सेक्टर्स के लिए नहीं रहेगा 3 दिन छुट्टी वाला सिस्टम
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हेल्थकेयर, अस्पताल, होटल, रिटेल, ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर्स के लिए 4 दिन काम और 3 दिन छुट्टी वाला सिस्टम सही नहीं रहेगा, क्योकि इस जगहों पर अधिक से अधिक स्टाफ़ की जरुरत पड़ती है।























