बालाघाट : जिस पिता को बेटी अपनी सबसे बड़ी ताकत मानती है, वही पिता जब कानून अपने हाथ में ले ले, तो पूरा परिवार बिखर जाता है। बालाघाट के वारासिवनी में एक पिता अपनी बेटी को शराबी पति की प्रताड़ना से बचाना चाहता था, लेकिन उसने ऐसा रास्ता चुना जिसने बेटी की मांग का सिंदूर मिटा दिया। इतना ही नहीं, 10 साल के बेटे और 6 साल की बेटी के सिर से पिता का साया भी छिन गया। पुलिस ने महज 72 घंटे में इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए आरोपी ससुर और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के मुताबिक 40 वर्षीय राजेन्द्र शरणागत शराब का आदी था और आए दिन पत्नी के साथ मारपीट करता था। उसकी शराब की लत और घरेलू हिंसा से पूरा परिवार परेशान था। दंपती के दो मासूम बच्चे 10 साल का बेटा और 6 साल की बेटी रोज घर के झगड़े और तनाव के बीच अपना बचपन गुजार रहे थे। बेटी की पीड़ा सुन-सुनकर पिता राजेश चौहान के मन में गुस्सा बढ़ता गया। 13 जुलाई की रात उसने अपने साथी प्रभुदयाल बिसेन के साथ मिलकर राजेन्द्र को शराब पिलाने के बहाने जंगल बुलाया। वहां विवाद के बाद गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और शव जंगल में छोड़कर फरार हो गए।
पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
14 जुलाई को जंगल में शव मिलने के बाद वारासिवनी पुलिस ने फोरेंसिक जांच, मोबाइल लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर महज 72 घंटे में पूरे हत्याकांड का खुलासा कर दिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल गमछा,दो मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए। इस वारदात ने एक बेटी को विधवा बना दिया, दो मासूम बच्चों से उनके पिता का साया छीन लिया और एक पिता को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। यह घटना साफ संदेश देती है कि घरेलू हिंसा और पारिवारिक विवाद का समाधान कानून से होता है, हत्या से नहीं।










































