रायपुर : जशपुर जिले के पत्थलगांव थाना क्षेत्र के पाकरगांव में बिजली पोल शिफ्टिंग के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में दो श्रमिकों की मौत के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले दोनों श्रमिकों के परिजनों को राज्य सरकार के नियमानुसार 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री साय ने इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने दिवंगत श्रमिकों की आत्मा की शांति और परिजनों को इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
बिजली पोल हटाने के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, मंगलवार को पत्थलगांव के पाकरगांव में एक पेट्रोल पंप के सामने बिजली का खंभा शिफ्ट करने का काम चल रहा था। इसी दौरान कथित तौर पर बिजली आपूर्ति बंद किए बिना खंभा हटाने का प्रयास किया जा रहा था। काम के दौरान मजदूर चालू बिजली लाइन के संपर्क में आ गए। करंट की चपेट में आने से दो श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग झुलस गए।
निजी ठेकेदार के सात मजदूर कर रहे थे काम
पत्थलगांव क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी ध्रुवेश जायसवाल के अनुसार, घटना के समय एक निजी ठेकेदार के सात मजदूर बिजली पोल हटाने के काम में लगे हुए थे। हादसे में दो मजदूरों की मौत हुई, जबकि चार अन्य के झुलसने की जानकारी सामने आई है।
रायगढ़ और गरियाबंद के रहने वाले थे मृतक
हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों की पहचान रायगढ़ जिले के आलेख एक्का और गरियाबंद जिले के टोमन ध्रुव के रूप में हुई है। प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है। मामले में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और बिजली आपूर्ति बंद किए बिना काम क्यों किया जा रहा था, इसकी भी जांच की जा रही है।
CM साय ने जताया दुख
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पाकरगांव में बिजली पोल शिफ्टिंग के दौरान हुई दुर्घटना में दो श्रमिकों के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उन्होंने शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों मृत श्रमिकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राज्य सरकार के नियमानुसार प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत श्रमिकों की आत्मा को शांति और शोक संतप्त परिजनों को इस अपार दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।











































