रायपुर : उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के ऊपर बना गहरा दबाव कमजोर पड़ रहा है, लेकिन इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने 25 सितंबर को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने तथा कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। दक्षिण छत्तीसगढ़ में इसका असर ज्यादा देखने को मिल रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार बारिश के साथ कई स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। कुछ इलाकों में तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। 24 सितंबर को छत्तीसगढ़ में थंडरस्क्वॉल के दौरान हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों के साथ 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की चेतावनी दी गई थी।
दक्षिण छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा बारिश
पिछले 24 घंटे में दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। कोंटा में सर्वाधिक 80 मिमी बारिश हुई। वहीं तोंगपाल और छिंदगढ़ में 70-70 मिमी, बास्तानार और बिहारपुर में 60-60 मिमी तथा बड़े बचेली, दोरनापाल और सुकमा में 50-50 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
इसके अलावा गरियाबंद, गादीरास और दरभा में करीब 40-40 मिमी पानी गिरा। राजधानी रायपुर में करीब 12 मिमी, जबकि जगदलपुर में 75 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई।
26 सितंबर को भी भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 25 सितंबर को छत्तीसगढ़ में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 26 सितंबर को भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। 27 और 28 सितंबर को प्रदेश में कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद 29 और 30 सितंबर को बारिश अपेक्षाकृत बिखरी हुई रहने की संभावना है।
अक्टूबर के पहले सप्ताह में लौट सकता है मानसून
देश में मानसून की वापसी 19 सितंबर को पश्चिमी राजस्थान से शुरू हुई थी। 23 सितंबर तक दिल्ली सहित पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के अधिकांश हिस्सों से मानसून लौट चुका था। हालांकि छत्तीसगढ़ में अभी बारिश सक्रिय है, इसलिए प्रदेश से मानसून की वापसी की स्थिति नहीं बनी है।
मौसम विभाग के अनुसार 1 से 7 अक्टूबर के बीच मध्य भारत और आसपास के पूर्वी हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं। इसमें छत्तीसगढ़ भी शामिल है। ऐसे में सितंबर के अंतिम दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने के बाद अक्टूबर के पहले सप्ताह में मानसून की विदाई की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
सावधानी: गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।











































