बलौदाबाजार : छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के गिधौरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खपरीडीह में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाने वाली एक बेहद शर्मनाक और डरावनी घटना सामने आई है। ग्राम खपरीडीह मे कुम्हारी निवासी परमेश्वर साहू नामक एक युवक को गांव के ही दबंग बदमाशों ने मुख्य गुड़ी चौक में रस्सी से बांधकर बर्बरता से पीटा। इस घटना ने न केवल मानवता को शर्मसार किया है बल्कि भाजपा सरकार और पुलिस विभाग की नाकामी को भी उजागर किया है। पीड़ित परमेश्वर साहू ने बताया कि वह सुबह 10 बजे क्रेशर पर गिट्टी देखने गया था। लौटते समय गांव के ही गया पटेल और दिलहरण कश्यप ने उसे जबरन रोका।
जब परमेश्वर अपनी गाड़ी से उतरकर बात करने लगा, तभी इन दोनों ने उस पर जानलेवा हमला कर दिया कुछ देर पश्चात उनके और अन्य साथी यशवंत पटेल, आनंद दास, दिग्विजय वैष्णव व केवल केवट इन सभी लोगों ने लात-घूंसे,बेल्ट डंडा,लोहे की रॉड और रस्सी से पीट पीटकर उसे अधमरा कर दिया गया। यही नहीं आरोपियों ने उसे घसीटते हुए गांव के मुख्य चौक पर लेजाकर रस्सी से बांधा और वहां भी पीटना जारी रखा। इतना ही नहीं, मारपीट के दौरान आरोपियों ने मां-बहन की अश्लील गालियां दीं और आरोप लगाया कि परमेश्वर खनिज विभाग का मुखबिर है।

यह घटना केवल हिंसा तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि आरोपियों ने मारपीट का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल भी किया हालांकि खबर शतक.इन वायरल वीडियो की पुष्टि नही करता। इधर घटना के बाद पीड़ित परमेश्वर को धमकी भी दिया कि तुम खपरीडीह मे दोबारा मत दिखना नहीं तो तुम्हे जान से मार देंगे पुलिस से हम लोग निपट लेंगे पैसा देकर छूट जाएंगे कहा।यह घटना साबित करती है कि भाजपा सरकार के राज में गुंडे-बदमाशों के हौसले किस कदर बुलंद हैं। गांवों में कानून का नहीं बल्कि गुंडों का राज चल रहा है।
सबसे शर्मनाक बात यह है कि इस पूरे कांड को अंजाम देने के बाद भी गया पटेल और दिलहरण कश्यप,यशवंत पटेल, केवल केवट, आनंद दास, दिग्विजय वैष्णव पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, जिससे साफ जाहिर होता है कि या तो उन्हें पुलिस का संरक्षण प्राप्त है या फिर पुलिस विभाग पूरी तरह से मूक दर्शक बन चुका है। गिधौरी थाने की पुलिस ने अभी तक मामले में लीपापोती करते हुए जैसे तैसे करके एफआईआर दर्ज की गई। जिससे पीड़ित परिवार में भय और आक्रोश है। पीड़ित का आरोप है कि उक्त लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही किया जाये। और ऐसे लोगों को कड़ी सजा हो।

राज्य की भाजपा सरकार इस प्रकार की घटनाओं को रोकने में असफल साबित हो रही है। चुनाव से पहले ‘सुशासन’ और ‘अपराध मुक्त समाज’ का वादा करने वाली सरकार अब अपने ही वादों से मुंह मोड़ चुकी है। गांवों में अराजकता का माहौल है और गुंडों को किसी भी प्रकार का डर नहीं है – न कानून का, न वर्दी का, न सरकार का।यह मामला केवल एक व्यक्ति की पिटाई का नहीं है,बल्कि यह लोकतंत्र कानून और मानव अधिकारों पर सीधा हमला है। अगर ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई नहीं हुई,तो आने वाले समय में ग्रामीण क्षेत्र पूरी तरह से गुंडा राज के कब्जे में चले जाएंगे।
अब समय आ गया है कि शासन और प्रशासन इस मामले में तत्काल कार्रवाई करे, दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजे और पीड़ित को न्याय दिलाए। वरना जनता का भरोसा न केवल पुलिस से उठेगा बल्कि सरकार की साख पर भी बड़ा प्रश्नचिन्ह लग जाएगा। इसके अलावा अब वीडियो वायरल के बाद दबंगो के घरों पर बुलडोजर की कार्रवाई करने की मांग भी आमजनों ने किया है। पीड़ित युवक की शिकायत पर 6 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की ट्रैकिंग की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जायेगा।























