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तूफानी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को मिली ‘टीम इंडिया’ की टिकट!.. इन दो देशों के खिलाफ खेलेंगे ट्राई सीरीज, BCCI ने किया ऐलान

मुंबई : भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने गुरुवार को श्रीलंका में होने वाली आगामी वनडे ट्राई सीरीज के लिए 15 सदस्यीय इंडिया-ए टीम की घोषणा कर दी। 23 साल के बल्लेबाज तिलक वर्मा को टीम की कप्तानी सौंपी गई है। सबसे खास बात यह है कि, इस स्क्वायड में तूफानी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को भी शामिल किया गया है। यह सीरीज जून में खेली जाएगी। टीम में घरेलू क्रिकेट और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने वाले कई युवा खिलाड़ियों को मौका मिला है। उभरते बल्लेबाज प्रियांश आर्या को भी पहली बार इंडिया-ए टीम में शामिल किया गया है।

इस त्रिकोणीय सीरीज में इंडिया-ए, श्रीलंका-ए और अफगानिस्तान-ए की टीमें हिस्सा लेंगी। सभी सीमित ओवरों के मुकाबले डंबुला में खेले जाएंगे। इसके बाद इंडिया-ए टीम गॉल में श्रीलंका-ए के खिलाफ दो बहुदिवसीय मैच भी खेलेगी।

रियान पराग बने टीम के उप कप्तान

रियान पराग को टीम का उपकप्तान बनाया गया है। चयनकर्ताओं ने युवा नेतृत्व तैयार करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम माना है। विकेटकीपर के रूप में प्रभसिमरण सिंह और कुमार कुशाग्र को मौका मिला है।

रेड-बॉल मैचों के लिए अलग टीम की घोषणा बाद में

गेंदबाजी विभाग में अंशुल कम्बोज को उनके शानदार प्रदर्शन, खासकर आईपीएल 2026 में प्रभावशाली खेल के बाद टीम में शामिल किया गया है। इसके अलावा आयुष बडोनी, निशांत सिद्धू, हर्ष दुबे और विप्रज निगम भी टीम का हिस्सा हैं। बीसीसीआई ने बताया कि गॉल में खेले जाने वाले रेड-बॉल मैचों के लिए अलग टीम की घोषणा बाद में की जाएगी।

शानदार रहा है नए खिलाड़ियों के लिए मौजूदा IPL सीजन

बता दें कि, वैभव सूर्यवंशी आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स जबकि प्रिंस आर्य और प्रभसिमरन पंजाब किंग्स की तरफ से मौजूदा सीजन में अपना जलवा बिखेर रहे हैं। बात करें रनों के मामले में तो वैभव सूर्यवंशी 11 मुकाबलों में 440 रन बनाकर टॉप टेन की लिस्ट में सातवें नंबर पर है। इसी तरह प्रभसिमरन और प्रिंस आर्या ने भी शानदार खेल दिखाया है। बात गेंदबाज अंशुल कम्बोज की करें तो वह आईपीएल के मौजूदा सीजन में अब तक 11 मुक़ाबलों में 19 विकेट्स अपने नाम चुके है और सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वालों में तीसरे पायदान पर हैं।

खेल से जुड़ी एक खबर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) को लेकर है। दरअसल आईपीएल में निराशाजनक अभियान के कारण तीन फ्रेंचाइजी के कप्तानों को इस महीने के अंत में सत्र के समापन के बाद अपने पद से हाथ धोना पड़ सकता है। अलग अलग फ्रेंचाइजी के उतार चढ़ाव पर नजर रखने वाले सूत्रों ने इसका संकेत दिया है। अक्षर पटेल, अजिंक्य रहाणे और ऋषभ पंत ने लगातार दो सत्र में अपनी टीम की कप्तानी की है लेकिन अपनी टीम को प्लेऑफ में ले जाने की कोशिश में बुरी तरह नाकाम रहे हैं।

आधिकारिक रूप से अभी सिर्फ लखनऊ सुपर जायंट्स ही टूर्नामेंट से बाहर हुई है जिससे पंत लगातार दो सत्र में खराब प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी रहे हैं, लेकिन सभी व्यावहारिक वजहों से रहाणे की अगुआई वाली कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) और अक्षर की कप्तानी वाली दिल्ली कैपिटल्स के भी लीग के आखिरी दौर में बने रहने की उम्मीद कम है। कप्तान और खिलाड़ी के तौर पर अक्षर के का प्रदर्शन खराब रहा है, उन्होंने नौ पारियों में 112.50 के स्ट्राइक-रेट से महज 100 रन बनाए हैं जिसमें से 56 रन एक पारी में और बाकी 44 रन आठ पारियों में बने हैं। यह जब है तब उन्होंने ज्यादातर में शीर्ष पांच में बल्लेबाजी की है।

इन 12 मैच में अक्षर ने केवल 36 ओवर गेंदबाजी की है जो तीन ओवर प्रति मैच हैं जिसमें उन्होंने 8.05 के इकोनोमी रेट से 10 विकेट झटके हैं। हालांकि साथी स्पिनर कुलदीप यादव का इकोनोमी रेट और भी खराब है। आईपीएल सूत्र ने गोपनीयता की शर्त पर कहा, ‘‘अक्षर अपनी कप्तानी की काबिलियत साबित करने में पूरी तरह विफल रहे हैं और ज्यादातर फैसले लेने के लिए हेमांग बदानी और वेणुगोपाल राव पर निर्भर हैं। ऐसे में अगर वह अगले साल भी कप्तान बने रहते हैं तो यह एक चमत्कार होगा। ’’ सूत्र ने कहा, ‘‘पूरे कोचिंग स्टाफ को भी रिटेन किए जाने की उम्मीद कम है। ’’

2027 में होने वाली मेगा नीलामी में अक्षर को बतौर खिलाड़ी रिटेन किया जा सकता है। लेकिन अब तक कप्तानी में उनका प्रदर्शन फीका ही रहा है। पंत ने अलग-अलग स्थान पर बल्लेबाजी करने की कोशिश की है लेकिन अक्सर ऐसा लगा है कि वह अपने कंधों पर काफी बोझ उठाए हुए हैं। एक फ्रेंचाइजी के लिए तुरंत नतीजे मिलना आम बात है, लेकिन लगातार दो सत्र के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाना लखनऊ सुपर जायंट्स के मालिक संजीव गोयंका को शायद ही पसंद आए। गोयंका को ऐसे व्यक्ति के रूप में जाना जाता है जो मनचाही कीमत देने को तैयार है लेकिन वह ऐसे व्यक्ति भी हैं जो ऐसे प्रदर्शन की मांग करते हैं जो मेहनताने के साथ सही साबित हो सकें।

पंत के 138 के स्ट्राइक-रेट से 251 रन टी20 के आधुनिक मानकों के हिसाब से खराब ही हैं। उन पर दबाव है इस बात से पता चलता है कि उन्होंने 11 मैचों में सिर्फ नौ छक्के लगाए हैं। उनके बल्ले की लय भी गायब है और टीम संयोजन के कुछ फैसलों ने टीम के समर्थकों को भी हैरान कर दिया है। वहीं केकेआर में रहाणे की नियुक्ति काफी हद तक ‘कोई विकल्प नहीं’ होने के कारण हुआ मामला था क्योंकि फ्रेंचाइजी के पास भरोसेमंद कप्तान के विकल्प की कमी थी। वहीं उनके मुंबई के पूर्व साथी अभिषेक नायर मुख्य कोच थे।

हालांकि केकेआर इस बात से परेशान था कि अंगकृष रघुवंशी आधुनिक टी20 क्रिकेट में शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों की मांग के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर पाए। रघुवंशी ने 139 से ज्यादा के स्ट्राइक-रेट से 340 रन बनाए जबकि कप्तान रहाणे ने 133 के स्ट्राइक-रेट से 237 रन बनाए। दोनों ने शीर्ष तीन में बल्लेबाजी की जिससे लगभग हर मैच में शुरूआती लय धीमी रही। दोनों ने 11 मैचों में मिलकर सिर्फ 25 छक्के लगाए। रहाणे और रघुवंशी को तो एक ही अंतिम एकादश में साथ नहीं खेलना चाहिए था और प्रबंधन की जिद फ्रेंचाइजी के लिए महंगी साबित हुई।

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