नई दिल्ली : मोबाइल पर अनजान नंबर से आने वाली कॉल को लेकर 1 नवंबर 2026 से नया बदलाव लागू होने वाला है। दरअसल, दूरसंचार विभाग (DoT) ने टेलीकॉम कंपनियों को कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) सेवा शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इस सुविधा के तहत फोन पर कॉल आने पर मोबाइल नंबर के साथ कॉल करने वाले का नाम भी दिखाई देगा। विभाग के 13 अक्टूबर के सर्कुलर के अनुसार, इस व्यवस्था को सभी टेलीकॉम सर्विस एरिया में लागू किया जाना है। इसका उद्देश्य लोगों को अनजान कॉल की पहचान करने में मदद देना है।
फोन पर नंबर के साथ कैसे दिखेगा नाम?
CNAP सेवा के तहत कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति को कॉल करने वाले का मोबाइल नंबर और टेलीकॉम रिकॉर्ड में दर्ज नाम दिखाई देगा। अगर नंबर पहले से मोबाइल की कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव है, तो फोन में सेव किया गया नाम दिख सकता है। वहीं, नंबर सेव नहीं होने पर घरेलू कॉल के लिए टेलीकॉम कंपनी के ग्राहक रिकॉर्ड में दर्ज नाम प्रदर्शित किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय कॉल के मामले में अनजान नंबर के साथ ‘International Call’ लिखा दिखाई देगा।
सुविधा के लिए अलग से नहीं करना होगा आवेदन
दूरसंचार विभाग के निर्देश के मुताबिक, ग्राहकों को CNAP सेवा के लिए अलग से आवेदन करने या इसे खुद एक्टिवेट कराने की जरूरत नहीं होगी। टेलीकॉम कंपनियों को यह सुविधा उपलब्ध करानी होगी। शुरुआती निर्देशों में 4G और उससे नई तकनीक वाले वायरलेस नेटवर्क पर इसे लागू करने की बात कही गई है। वहीं, 2G, 3G और लैंडलाइन नेटवर्क पर इस सुविधा को लागू करने के संबंध में अलग से विचार किया जाएगा।
स्पैम और फर्जी कॉल पर लगेगी लगाम?
CNAP सेवा से अनजान नंबरों की पहचान करना आसान हो सकता है। इससे लोग कॉल उठाने से पहले बेहतर फैसला ले सकेंगे और संदिग्ध कॉल से सतर्क रह सकते हैं। हालांकि, केवल नाम दिखाई देने से हर फर्जी कॉल या धोखाधड़ी की पहचान होना तय नहीं है। इसलिए किसी अनजान कॉल पर बैंकिंग जानकारी, OTP या निजी विवरण साझा करने से बचना चाहिए।
किन मामलों में नहीं दिखेगा कॉल करने वाले का नाम?
जिन ग्राहकों ने नियमों के तहत कॉलिंग लाइन आइडेंटिफिकेशन रिस्ट्रिक्शन (CLIR) सुविधा ली है, उनकी पहचान प्रदर्शित नहीं की जाएगी। वहीं, कारोबार और बल्क कनेक्शन वाले संस्थान सत्यापन के बाद अपना पंजीकृत व्यापारिक नाम दिखाने की सुविधा पा सकते हैं। वहीं, इस व्यवस्था को लागू करने की जिम्मेदारी टेलीकॉम कंपनियों की होगी। टेलीकॉम कंपनियों को गलत नाम दिखने से जुड़ी शिकायतों के लिए व्यवस्था बनानी होगी और उनका समय पर निपटारा करना होगा।



























