दुर्ग : छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती को लेकर सूबे की राजनीति गरमायी हुई है। इस नशे के कारोबार से बीजेपी नेता का नाम जुड़ने के बाद से ही विपक्ष लगातार हमलावर बना हुआ है। ऐसे में दुर्ग जिले में बीजेपी नेता की खेतों में अफीम की खेती की शिकायत करने वाले गांव के सरपंच को अपनी जान का खतरा सताने लगा है। सरपंच ने पुलिस में शिकायत कर सुरक्षा की मांग की है।
आपको बता दे दुर्ग में अफीम की खेती का खुलासा होने के बाद जहां पुलिस ने आरोपी बीजेपी नेता विनायक ताम्रकार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, वहीं बीजेपी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्या से निष्कासित कर दिया है। गौतरलब है कि दुर्ग जिले के ग्राम समोदा में अफीम की खेती मिलने के बाद प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। बुधवार को शिवनाथ नदी जाने वाले रास्ते पर लगाए गए बैरियर को प्रशासन की टीम ने हटवा दिया।
कलेक्टर अभिजीत सिंह के आदेश पर राजस्व विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए रास्ते को आम लोगों के लिए दोबारा खुलवा दिया है, जिसे बीजेपी नेता ने दबंगई पूर्वक बंद कर दिया था। दुर्ग के बाद बलरामपुर में भी अफीम की खेती मिलने की जानकारी के बाद विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर बना हुआ है। ऐसे में अफीम की खेती को लेकर राजनीतिक गहमा-गहमी के बीच इस मामले की शिकायत करने वाले सरपंच को अब अपनी जान का खतरा होने का डर सताने लगा है।
सरपंच ने पुलिस में की शिकायत, जान का खतरा होने की जतायी आशंका
आपको बता दे दुर्ग जिले में अवैध अफीम की खेती की शिकायत ग्राम समोदा के सरपंच अरुण गौतम ने पुलिस से की थी। जिसके बाद हुए कार्रवाई के बाद प्रदेशभर में हड़कंप मच गया था। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब सरपंच को जान का खतरा होने का भय सताने लगा है। सरपंच अरूण गौतम ने अपनी जान का खतरा बताते हुए पुलिस से सुरक्षा की मांग की है।
सरपंच ने पुलिस को लिखित आवेदन देकर आशंका जताई है कि उन्हें झूठे मामलों में फंसाया जा सकता है या नुकसान पहुंचाया जा सकता है। सरपंच का कहना है कि गांव में अफीम की अवैध खेती की शिकायत करने के बाद से लगातार डर बना हुआ है। आधी रात को कुछ अज्ञात लोग गांव में संदिग्ध रूप से घूमते दिखाई दिए हैं। सरपंच अरुण गौतम ने चौकी जेवरा सिरसा, थाना पुलगांव में लिखित आवेदन देकर सुरक्षा की मांग की है।






















