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Collector – SP Conference : महिला अपराध पर मुख्यमंत्री के दो टूक समय पर चालान करें पेश, पुलिस को संवेदनशीलता व तत्परता से काम करने के निर्देश

रायपुर : छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक दक्षता और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के सभी जिलों की कानून-व्यवस्था की स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में गृह मंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सभी संभागों के रेंज आईजी, जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक का मुख्य फोकस प्रदेश में नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर रहा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि नए कानूनों को लागू करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही या विलंब न हो। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला स्तर पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच समन्वय को और सशक्त किया जाए ताकि जनता को न्याय और सुरक्षा की भावना मिले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई विधिक व्यवस्थाओं के तहत अपराध नियंत्रण के लिए तकनीकी संसाधनों और डिजिटल टूल्स का अधिकतम उपयोग किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से जिलों के प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए कहा कि अपराधों की रोकथाम और त्वरित जांच में परिणाम आधारित दृष्टिकोण अपनाया जाए। उन्होंने प्रत्येक जिले से अपेक्षा की कि वे अपने-अपने क्षेत्र में अपराध नियंत्रण की ठोस रणनीति तैयार करें और उसका ईमानदारी से क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

बैठक में महिला और बालिकाओं से जुड़े आपराधिक मामलों को लेकर विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे संवेदनशील मामलों में अधिकतम संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि इन अपराधों से संबंधित मामलों में पुलिस को पीड़ितों की सहायता, परामर्श और सुरक्षा पर प्राथमिकता देनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि महिला एवं बालिका से जुड़े अपराधों में जांच पूरी कर निर्धारित समयावधि में चालान प्रस्तुत किया जाए ताकि न्याय में अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं और बच्चों के प्रति अपराधों को रोकने के लिए समुदायिक जागरूकता और रोकथाम संबंधी अभियानों को भी गति दी जाए।

बैठक के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों की अपराध दर, न्यायिक कार्रवाई, लंबित प्रकरणों की स्थिति और पुलिस-प्रशासन के प्रदर्शन की भी विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जनसुनवाई और फील्ड विजिट को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए ताकि आम जनता की शिकायतें सीधे सुनी जा सकें और त्वरित समाधान हो सके।

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