बालोद : बालोद में एक तहसीलदार की पत्नी ने अपने पति के साथ रहने के अधिकार के लिए अनोखा विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। रेनु गुप्ता ने शुक्रवार शाम से अन्न और जल का त्याग कर दिया है, प्रण लेते हुए कहा कि यदि अगले 48 घंटों में उनके पति उन्हें स्वीकार नहीं करते हैं, तो वे अपनी ससुराल की चौखट पर अपने प्राण त्याग देंगी।
उन्होंने इस स्थिति के लिए ससुराल पक्ष के साथ-साथ शासन-प्रशासन को भी जिम्मेदार ठहराया है। इस लड़ाई में रेनु गुप्ता की देवरानी वंदना पटेल गुप्ता भी उनके साथ खड़ी हैं। रेनु गुप्ता बीते छह दिनों से और उनकी देवरानी वंदना पटेल गुप्ता पिछले पांच दिनों से तहसीलदार राहुल गुप्ता के घर के बाहर धरने पर बैठी हैं। रेनु ने एक वीडियो संदेश में बताया कि इतने दिनों तक न्याय न मिलने और प्रशासन से कोई मदद न मिलने से वे हताश हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारी आ तो रहे हैं, लेकिन वे उन्हें घर से चले जाने के लिए कह रहे हैं।
रेनु ने दृढ़ता से कहा कि उन्हें किसी भी कीमत पर अपना अधिकार चाहिए और वे अपने पति के साथ रहना चाहती हैं। उन्होंने घोषणा की है कि वे अब से अन्न-जल ग्रहण नहीं करेंगी और यदि 48 घंटे के भीतर उन्हें अपने घर में रहने का अधिकार नहीं मिला, तो वे अपने प्राण त्याग देंगी। उन्होंने चेतावनी दी है कि इसकी पूरी जिम्मेदारी ससुराल वालों और शासन-प्रशासन की होगी। यह मामला अब केवल रेनु गुप्ता तक ही सीमित नहीं रहा है। उनकी देवरानी वंदना पटेल गुप्ता भी इस संघर्ष में उनके साथ हैं।
जानकारी के अनुसार, वंदना ने 2024 में रेनु के देवर रोहित गुप्ता से प्रेम विवाह किया था। दोनों जगदलपुर में रह रहे थे। जून में उनके पति रोहित “झलमला जा रहा हूं” कहकर निकले, लेकिन न तो झलमला पहुंचे और न ही उसके बाद वंदना से कोई संपर्क किया। परेशान होकर वंदना झलमला स्थित अपने ससुराल आईं, जहां उन्हें ताला बंद मिला। अब वे भी रेनु की तरह अपने पति से मिलने के लिए संघर्ष कर रही हैं। रेनु ने बताया कि उन्होंने पहले भी कई बार ससुराल में रहने की कोशिश की, लेकिन ससुराल वालों ने उन्हें कभी घर में प्रवेश नहीं दिया।
बुधवार को भी जब वे रहने आईं, तो उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया, जिसके बाद वे उसी दिन सुबह से घर के बाहर बैठी हैं। उनके पति, राहुल गुप्ता, वर्तमान में दंतेवाड़ा जिले में पदस्थ हैं, जबकि उनके ससुर सतीशचंद्र गुप्ता बालोद में मत्स्य अधिकारी हैं। उल्लेखनीय है कि रेनु गुप्ता और तत्कालीन नायब तहसीलदार राहुल गुप्ता का विवाह नवंबर 2022 में सामाजिक रीति-रिवाजों के साथ हुआ था। रेनु का आरोप है कि शादी के 50 दिन बाद से ही उनके तहसीलदार पति और ससुराल वाले दहेज के लिए उन्हें प्रताड़ित करने लगे, जिसके कारण वे अपने मायके में रह रही थीं।






















