बिजनेस : अमेरिका द्वारा ईरान पर नए कड़े प्रतिबंध लगाए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। इससे भारत में भी पेट्रोल और डीजल के सस्ते होने की उम्मीद बढ़ गई है। सरकारी तेल कंपनियां इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) लगातार अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति पर नजर रख रही है। फिलहाल घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल के दाम घटने की संभावना कम दिखाई दे रही है।
अभी क्यों नहीं घट रहे दाम?
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद तेल कंपनियां तुरंत पेट्रोल और डीजल के रेट कम करने के पक्ष में नहीं हैं। इसकी बड़ी वजह पिछले महीनों का घाटा है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा हुआ था, लेकिन कंपनियों ने घरेलू बाजार में कीमतों को काफी हद तक नियंत्रित रखा। इसका पूरा बोझ ग्राहकों पर नहीं डाला गया। अब कंपनियां उसी पुराने घाटे की भरपाई करने की कोशिश कर रही हैं। यही वजह है कि कीमतों में कटौती को लेकर अभी इंतजार किया जा रहा है।
25 मई से कीमतें स्थिर
देश में पेट्रोल और डीजल के रेट 25 मई से स्थिर बने हुए हैं। उस समय सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। फिलहाल दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर है। मुंबई में पेट्रोल 111.31 रुपये और डीजल 97.97 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये और डीजल 99.82 रुपये है।
आज के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
| शहर | पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर) | डीजल की कीमत (प्रति लीटर) |
| दिल्ली | ₹ 102.12 | ₹ 95.20 |
| मुंबई | ₹ 111.31 | ₹ 97.97 |
| कोलकाता | ₹ 113.51 | ₹ 99.82 |
| चेन्नई | ₹ 107.78 | ₹ 99.56 |
| हैदराबाद | ₹ 115.69 | ₹ 103.82 |
| भुवनेश्वर | ₹ 103.19 | ₹ 100.68 |
| बेंगलुरु | ₹ 110.82 | ₹ 98.77 |
| पटना | ₹ 113.35 | ₹ 99.36 |
| जयपुर | ₹ 112.66 | ₹ 97.78 |
शहरों में अलग क्यों हैं रेट?
देश के अलग-अलग शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमत एक जैसी नहीं होती। इसकी मुख्य वजह केंद्र और राज्य सरकारों के अलग-अलग टैक्स हैं। हर राज्य में टैक्स की दर अलग होने के कारण ईंधन की अंतिम कीमत भी बदल जाती है। इसके अलावा पेट्रोल और डीजल को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का खर्च, परिवहन लागत और स्थानीय बाजार की स्थिति भी कीमत पर असर डालती है।
टैक्स का भी बड़ा असर
पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमत में टैक्स की बड़ी भूमिका होती है। जब कोई ग्राहक 100 रुपये का पेट्रोल खरीदता है तो करीब 40 से 45 प्रतिशत राशि केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स के रूप में जा सकती है। इसके अलावा रिफाइनरी की लागत, ढुलाई और परिवहन खर्च भी कीमत में शामिल होते हैं। इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता होने के बावजूद घरेलू स्तर पर पेट्रोल-डीजल के दाम तुरंत कम नहीं होते। किंतु आने वाले दिनों में इनकी कीमतों में कमी आने की उम्मीद है।











































