बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के अकलतरा ब्लॉक के कटनई संकुल में शिक्षकों के साथ साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है, जहां ठगों ने शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों की फर्जी पहचान बनाकर 46 शिक्षकों को निशाना बनाया। सचिव सिद्धार्थ कुमार परदेशी और क्राइम ब्रांच रायपुर के टीआई प्रदीप मिश्रा बनकर धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग की कोशिश की गई। शिक्षकों की सतर्कता और संकुल प्रभारी की समझदारी से मामला समय रहते पकड़ में आ गया, वरना बड़ी आर्थिक ठगी हो सकती थी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सचिव बनकर मांगी शिक्षकों की सूची
जानकारी के अनुसार, 9 दिसंबर दोपहर 2:22 बजे, कटनई हायर सेकंडरी स्कूल के प्राचार्य और संकुल प्रभारी राकेश मार्बल के मोबाइल पर नंबर 7380351932 से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को स्कूल शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी बताते हुए सभी शिक्षकों के नाम और मोबाइल नंबर तुरंत भेजने का निर्देश दिया।जब मार्बल ने दिए गए वाट्सऐप नंबर की डीपी चेक की, तो उसमें सचिव परदेशी की फोटो लगी हुई थी, जिससे वह धोखे में आ गए। उन्होंने संकुल के कुल 46 शिक्षकों की सूची भेज दी।
गले दिन शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का खेल
10 दिसंबर को सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक शिक्षकों के मोबाइल पर लगातार नंबर 9793341022 से कॉल आने लगे। इस बार कॉल करने वाले ने खुद को क्राइम ब्रांच रायपुर के टीआई प्रदीप मिश्रा बताया।ठग ने धमकी भरे आरोप लगाते हुए कहा—आपके खिलाफ शिकायत आई है। आप बच्चों को पढ़ाने के बजाय मोबाइल में वीडियो देखते हैं। बच्चों को अश्लील वीडियो दिखाने की रिपोर्ट है। मामला शांत करना है तो 32,500 रुपये का सरकारी चालान जमा करो। साथ ही ये भी कहा गया कि वकील की फीस 2,300 रुपये अलग से देनी होगी। पैसा नहीं दिया तो स्कूल में आकर गिरफ्तार कर लूंगा और नौकरी चली जाएगी। धमकियों के कारण कई शिक्षक डर गए और रकम जुटाने की सोचने लगे।
शिक्षकों ने साझा की रिकॉर्डिंग, खुला पूरा मामला
जब कई शिक्षकों को एक ही नंबर से समान धमकी मिली, तो उन्होंने कॉल रिकॉर्डिंग और मैसेज संकुल के ग्रुप में साझा किए। संदेह गहराया और सभी ने इसकी जानकारी संकुल प्रभारी राकेश मार्बल को दी।मार्बल ने तुरंत शिक्षकों को निर्देश दिया कि किसी भी हाल में कोई भुगतान न करें।



























