कोरबा : राज ज्वेलर्स लूटकांड में सबसे ज्यादा चर्चा उस लुटेरे की हुई थी, जो सलवार-सूट पहनकर महिला बनकर ज्वेलरी दुकान में दाखिल हुआ था। उसकी चाल-ढाल ऐसी थी कि पहली नजर में किसी को उस पर शक तक नहीं हुआ। लेकिन अब यही आरोपी पुलिस के शिकंजे में है। कटघोरा पुलिस की विशेष टीम ने मुख्य आरोपी विष्णु राठिया को कर्नाटक बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया है। वह वारदात के बाद लगातार राज्यों की सीमाएं बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था।
महिला का भेष बनाकर रची थी लूट की पूरी योजना
1 जुलाई को छुरीकला स्थित राज ज्वेलर्स में तीन बदमाश ग्राहक बनकर पहुंचे थे। तीनों ने चेहरे गमछे से ढक रखे थे, जबकि विष्णु राठिया सलवार-सूट पहनकर महिला के वेश में दुकान के अंदर गया। योजना यह थी कि महिला पर किसी को संदेह नहीं होगा और आसानी से वारदात को अंजाम दिया जा सकेगा। चांदी की अंगूठी दिखाने के बहाने दुकानदार को काउंटर तक बुलाया गया। इसी दौरान एक आरोपी ने दरवाजा बंद किया, दूसरे ने देशी कट्टा निकाल लिया और तीसरे ने जेवर समेटने की कोशिश शुरू कर दी।
भीड़ जुटी तो अधूरी रह गई वारदात
शोर-शराबा सुनकर दुकान के बाहर लोग जमा होने लगे। हालात बिगड़ते देख आरोपी घबरा गए और कट्टा तथा चोरी की मोटरसाइकिल मौके पर छोड़कर भाग निकले। इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू की।
100 से ज्यादा CCTV फुटेज से मिली सफलता
पुलिस ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और साइबर टीम की मदद से आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाया। जांच में सामने आया कि आरोपी जंगलों के रास्ते जशपुर, पत्थलगांव, धरमजयगढ़, सीतापुर और अंबिकापुर होते हुए भाग रहा था। आखिरकार विशेष टीम ने कर्नाटक बॉर्डर पर उसे गिरफ्तार कर लिया।
दो आरोपी पहले ही जा चुके हैं जेल
इस मामले में गोपाल सिंह और परदेशी राठिया को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। अब महिला का भेष बनाकर वारदात की साजिश रचने वाले मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के साथ पुलिस जांच को बड़ी सफलता मिली है।
जेल में बनी थी गैंग, फिल्म से मिला था आइडिया
पुलिस जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपियों की दोस्ती जेल में हुई थी। रिहा होने के बाद उन्होंने मिलकर ज्वेलरी दुकान में लूट की योजना बनाई। वारदात के लिए चोरी की बाइक और अवैध हथियार का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

























